सूर्य का मेष राशि में गोचर 13 अप्रैल, सोमवार को रात्रि 8 बज कर 14 मिनट (20:14 बजे) पर होगा, जब सूर्य देव अपने परम मित्र मंगल के स्वामित्व वाली मेष राशि में प्रवेश करेंगे। यह एक अग्नि तत्व की राशि है और सूर्य इस राशि में अपनी उच्च अवस्था में माना जाता है। इस प्रकार एक अग्नि तत्त्व प्रधान सूर्य ग्रह का प्रवेश अग्नि तत्व प्रधान मेष राशि में होगा, जिससे जीवन में खुशहाली और तरक्की आएगी और गर्मी के मौसम में बढ़ोत्तरी होगी। आईये अब जानते हैं कि सूर्य के मेष राशि में गोचर (मेष संक्रान्ति) का सभी राशियों के लोगों पर क्या प्रभाव पड़ेगा:
मेष राशि
मेष राशि में सूर्य देव अपनी उच्च अवस्था में होते हैं और इसलिए यह गोचर आपके लिए विशेष रूप से खास होने वाला है क्योंकि सूर्य का गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है सूर्य आपके पाँचवें भाव के स्वामी हैं और आप के प्रथम भाव में होने से आपको संतान की तरफ से पूर्ण रूप से सुख मिलेगा और आपकी संतान को कोई बड़ी उपलब्धि इस समय में मिल सकती है, चाहे वह शिक्षा के क्षेत्र में हो या उनके करियर के क्षेत्र में। इससे उनका भी नाम होगा और आप का भी नाम होगा। यदि आप अभी तक शादीशुदा नहीं हैं तो शिक्षा के क्षेत्र में आपको भी जबरदस्त नतीजे मिल सकते हैं और आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। यदि किसी इंजीनियरिंग या अन्य प्रतियोगी परीक्षा में आपने भाग लिया है तो उसमें सफल होने की पूरी संभावना होगी। आपको प्रेम जीवन में भी सफलता मिलेगी और आपका प्रियतम खुलकर अपने मन की बात आपसे कहेगा और अपने प्यार को स्वीकार करेगा, जिससे आपको बहुत खुशी होगी लेकिन इस समय काल में आप जरूरत से ज्यादा अभिमानी हो सकते हैं। इसलिए थोड़ा सा संभलकर रहें क्योंकि इस अभिमान की छाया आपके दांपत्य जीवन को भी प्रभावित कर सकती है। यदि आप शादीशुदा हैं तो यह गोचर आपको धैर्य रखने के लिए मजबूर करेगा क्योंकि अभिमान से नुकसान होने के योग बनेंगे।
उपायः आपको श्री आदित्य हृदय स्तोत्र का नियमित पाठ करना चाहिए।

वृषभ राशि
आपकी राशि के लिए सूर्य देव का गोचर बारहवें भाव में होगा। सूर्य देव आपके चौथे भाव के स्वामी हैं और बारहवें भाव में अपनी उच्च राशि मेष में गोचर करने के कारण आपके विदेश जाने के प्रबल योग बनेंगे। यह समय आपको बाहरी भूमि पर खूब मान सम्मान और सफलता देगा। इस गोचर के प्रभाव से आपको अपने शत्रुओं पर विजय मिलेगी और यदि कोई कोर्ट केस चल रहा है तो उसमें भी नतीजा आपके पक्ष में आने की पूरी उम्मीद रहेगी। हालांकि इस दौरान आपके खर्चे काफी बढ़ेंगे लेकिन वे खर्चे पारिवारिक जरूरतों और घरेलू सामान और समाज सेवा पर तथा धार्मिक कार्यों पर होंगे, इसलिए उन खर्चों से आपको आत्मिक रूप से संतुष्टि होगी। इस गोचर के प्रभाव से आपकी नौकरी में स्थानांतरण के योग भी बन सकते हैं लेकिन वह योग आपके लिए अच्छे ही होंगे, इसलिए आपको परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। इस समय खंड में आपकी माता जी को अच्छा लाभ होगा और यह गोचर उन्हें समाज में अच्छा मान सम्मान दिलवाएगा और यदि वे कहीं कार्यरत हैं तो उन्हें जबरदस्त लाभ मिलेगा। यदि आपने कहीं नौकरी के लिए आवेदन किया हुआ है तो इस गोचर काल में आपको अच्छी नौकरी मिल सकती है।
उपायः रविवार के दिन किसी गौशाला अथवा मंदिर में गेहूं, तांबा एवं गुड़ का दान करें।
मिथुन राशि
सूर्य देव का गोचर मिथुन राशि के लोगों के एकादश भाव में होगा। एकादश भाव में सूर्य अच्छी स्थिति में माना जाता है और वैसे भी इस समय सूर्य उच्च अवस्था में होगा तो आपके लिए ख़ुशियों की बरसात होगी। आपकी आमदनी बहुत अच्छे तरीके से बढ़ेगी और आपका व्यापार भी आप को समुचित लाभ प्रदान करेगा। इस समय में आपके समाज के गणमान्य और ऊंची साख वाले लोगों से संपर्क बढ़ेंगे और आपके जीवन में आगे बढ़ने में आपके बहुत काम आएँगे। यदि आप व्यापार करते हैं तो इस दौरान आपको आशातीत लाभ होने की पूरी संभावना होगी और आपका नाम भी खूब होगा। यदि आप नौकरी करते हैं तो आप के वरिष्ठ अधिकारियों से आपके संबंध बहुत ही मजबूत बनेंगे। इस गोचर के प्रभाव से आपके प्रेम जीवन में कुछ समस्याएं जरूर आ सकती हैं और आपका व्यवहार संभवत: आपके प्रियतम को पसंद ना आए और उन्हें लगे कि आप अभिमानी हैं। ऐसे में आपको थोड़ा ध्यान अवश्य रखना होगा। सरकारी क्षेत्र से इस समय में अच्छे लाभ के योग बनेंगे और आपको अपने विरोधियों पर जीत मिलेगी, जिससे आपके आत्म बल में बढ़ोतरी होगी और आपके रुके हुए सभी काम बनने लगेंगे। छोटे भाई-बहनों का भी आपको पूरा साथ मिलेगा और वे आपके सुख को बढ़ने में आपकी मदद करेंगे तथा आप को आर्थिक तौर पर सहायता भी कर सकते हैं। आप अपनी मेहनत के अच्छे फल प्राप्त करेंगे और आपके मान सम्मान में बढ़ोतरी होगी तथा आपका सामाजिक दायरा विस्तृत होगा।
उपायः आपको प्रतिदिन कम से कम 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए।
कर्क राशि
आपके लिए सूर्य का गोचर बहुत ही बढ़िया होने वाला है क्योंकि इस समय में सूर्य आपके दशम भाव में अपनी उच्च राशि में दिगबल से युक्त होंगे और वे आपकी नौकरी में जबरदस्त पदोन्नति के योग बनाएँगे। आपकी नौकरी मजबूत होगी आपके काम की चारों ओर प्रशंसा होगी और विरोधी भी आप के गुण गाएँगे। आप के वरिष्ठ अधिकारी भी आपसे प्रसन्न होंगे। आपको काम के क्षेत्र में अधिकार अधिक दिए जाएंगे और आपकी आय भी बढ़ेगी लेकिन अपने साथ काम करने वाले लोगों को अपना सहोदर समझकर अच्छा व्यवहार करना ही अच्छा होगा। फिर गोचर काल में आप परिवार के लिए भी थोड़ा सोचेंगे लेकिन उन्हें समय कम दे पाएंगे। दूसरे भाव का स्वामी सूर्य आपके दशम भाव में प्रवेश करेगा, जिससे आप अपने व्यापार को विस्तार देंगे और अपनी जमा पूँजी को अपने बिज़नेस में निवेश कर सकते हैं। पैतृक व्यवसाय में इस दौरान बहुत लाभ मिलने के योग बनेंगे। सरकारी क्षेत्र से लाभ मिलेगा और कोई वाहन अथवा भवन का सुख मिल सकता है। जो लोग सरकारी नौकरी के लिए प्रयासरत हैं, उन्हें इस समय में सफलता मिल सकती है। आपके पिताजी के स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है।
उपायः आपको सूर्य देव के मंत्र “ॐ घृणि सूर्याय नमः’’ का जाप करना चाहिए।
सिंह राशि
आपकी राशि का स्वामी सूर्य अपनी उच्च अवस्था में गोचर करेगा और यह गोचर आपकी राशि से नवम भाव में होगा। इस भाव में सूर्य के गोचर से आपके मान सम्मान में खूब बढ़ोतरी होगी और आप बहुत लोकप्रिय होंगे। लोग आपके पास आएँगे और आप से प्रभावित होंगे। आपको अपने पिताजी से आदर पूर्वक बात करनी चाहिए क्योंकि इस समय में आप दोनों के संबंध बिगड़ सकते हैं। पिताजी को अपने स्वास्थ्य के कारण कुछ समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए आपको विशेष रूप से उनका ध्यान रखना चाहिए। इस गोचर काल में आपको किसी तीर्थ स्थान पर जाने का मौका मिलेगा, जिससे मानसिक शांति की प्राप्ति होगी और आप खुश होंगे। यात्राओं के लिए यह गोचर काफी अच्छा रहने वाला है और सुदूर स्थानों की यात्रा करने का मौका मिलेगा। आप के निर्णय लेने की क्षमता बढ़िया होगी और अपनी मेहनत के बल पर आप अच्छे लाभ अर्जित करेंगे। इस गोचर काल में आपका नौकरी में स्थानांतरण हो सकता है और आपको किसी दूसरी जगह भेज कर वहां का प्रमुख बनाया जा सकता है। यदि व्यापार की बात की जाए तो इस गोचर काल में आप अधिक रिस्क लेने की प्रवृत्ति में होंगे लेकिन वह रिस्क सही जगह पर होगा और आपको अच्छा लाभ प्रदान करेगा। आपका स्वास्थ्य बढ़िया रहेगा और पुरानी किसी बीमारी से निजात मिलेगी।
उपायः रात्रि में ताँबे के पात्र में जल भरकर सिरहाने रख दें तथा अगले दिन प्रातः काल उसे पियें।
कन्या राशि
कन्या राशि के लिए सूर्य का गोचर अष्टम भाव में होगा। अष्टम भाव में सूर्य का गोचर अधिक अनुकूल नहीं माना जाता। वैसे भी सूर्य आपकी राशि से बारहवें भाव का स्वामी है, इसलिए यह गोचर आपके लिए ज्यादा अनुकूल नहीं कहा जा सकता। इस गोचर की अवधि में आपको धन हानि होने के योग बनेंगे और इस समय में आपको कहीं भी धन का निवेश करने से बचना चाहिए। इस गोचर काल में आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखना होगा क्योंकि आप बीमार पड़ सकते हैं। तेज बुखार या सिर दर्द होने की भी संभावना रहेगी। इस समय खंड में आपकी कुछ अनचाही यात्राओं पर जाने की स्थिति बनेगी लेकिन आपको इनसे बचना चाहिए क्योंकि इससे न केवल आपका स्वास्थ्य खराब होगा बल्कि आपका धन भी व्यर्थ खर्च होगा। आप पर मानसिक रूप से काफी तनाव हावी रह सकता है और आपके पिताजी को भी इस दौरान धन की हानि हो सकती है। आपके ससुराल पक्ष से आपको निमंत्रण आ सकता है और किसी अच्छे काम में आपको बुलाया जा सकता है। इस समय में आपकी वाणी में गर्व बढ़ेगा, इसलिए आपको सोच समझकर बोलना चाहिए क्योंकि बात का बतंगड़ बनने से स्थिति बिगड़ सकती है। आपकी पुरानी कुछ योजनाएं बाहर आ सकती हैं, जिनसे आपको थोड़ा सावधान रहना चाहिए क्योंकि आपके विरोधी उसका लाभ उठा सकते हैं। इसको गोचर का सबसे अच्छा लाभ यह हो सकता है कि आपको अपने कर्ज़ों से मुक्ति मिल सकती है।
You have read half of this article
Log in to keep reading. Creating an account is completely free – with Google or mobile OTP, in a minute.
Log in & read more New here? Create a free accountLog in to read more
You have read 50% of this article for free. Log in once to read the rest – and every astrology, Vastu and horoscope article on Future For You.
- Completely free – no charges
- One click with Google, or mobile OTP
- Straight back to this article after login