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Corona Epidemic: श्री विश्वविजय पंचांग ने पहले ही कर दी थी भविष्यवाणी, शनि-मंगल के जीवनशैली को अपनाकर होगा बचाव

Corona Epidemic: श्री विश्वविजय पंचांग ने पहले ही कर दी थी भविष्यवाणी, शनि-मंगल के जीवनशैली को अपनाकर होगा बचाव

Corona Epidemic: कोरोना महामारी की त्रासदी ने विश्व समूदाय को त्रस्त कर दिया है। ऐसी महामारी का प्रकोप दुनिया के लिए कुछ नया नहीं है और ऐसी अनेक महामारियों ने समय-समय पर मानवता को परेशान किया है। प्लेग, चेचक जैसी महामारियां अनेक बार हाहाकर मचा चूकि हैं, परंतु विजय हमेशा मानव सभ्यता की ही हुई है। ज्योतिष के उपकरणों के प्रयोग से भी कुछ ऐसा ही नतीजा सामने आता दिखाई दे रहा है।

श्री विश्वविजय पंचांग ने पहले ही कर दी थी भविष्यवाणी

श्री विश्वविजय पंचांग ने दिसंबर 2018 में स्पष्ट भविष्यवाणी की थी कि जनवरी 2020 के बाद जगत में किसी बड़ी महामारी का प्रकोप रहेगा। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में उथल-पुथल मच जाएगी और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था धरातल पर एकएक गिर जाएगी। इसी पंचांग ने अपने 76वे अंक में पेज 41, 44और 44 पर लिखा था, “मानवकृत त्रासदियों से जन साधारण त्रस्त होंगे। इस संवत् (अप्रैल 2019 से अप्रैल 2020) में राष्ट्र अध्यक्ष के युद्धमय वातावरण और परस्पर तनाव के कारण तथा अच्छी फसल के उपरांत भी भय एवं आशंकाओ से भरा वातावरण रहता है। अनेक रोगों और भय के कारण सभी प्राणी कष्ट प्राप्त करते है।”

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युक्ति योग के कारण बनी वर्तमान परिस्थिति

यह वर्तमान परिस्थिति शनि, मंगल और गुरु के मकर राशि में बन रहे युक्ति योग के कारण उत्पन्न हो रही है। श्री विश्वविजय पंचांग ने दिसंबर 2018 में बताया था कि 23 जनवरी 2020 के बाद रोग और युद्ध के कारण प्रजा का विनाश हो सकता है और युद्ध भय बना रह सकता है। ज्योतिष में इस महामारी की पूर्व सूचना देनी की क्षमता है, तो इस महामारी से बचने के उपाए भी हैं। साथ ही इस महामारी के उपरांत दुनिया कैसी होगी? यह देखनी की क्षमता भी है।

शनि-मंगल दे सकते हैं महामारी से बचाव का रास्ता

कोरोना महामारी राहु और केतु ने उत्पन्न की है, जब गुरु अपनी नीच राशि भ्रमण के लिए निकल चुका था। शनि और मंगल की मकर राशि से शत्रुता से बने युति योग ने आग में घी डालने का काम कर दिया। इस महामारी से बचाव का रास्ता भी शनि और मंगल ही दे सकते हैं। समूचे विश्व को शनि और मंगल की जीवनशैली अपना लेनी चाहिए। इन दोनों ग्रहों की जीवनशैली एवं चरित्र का अनुसरण करना ज्योतिष का राम बाण इलाज हो सकता है। शनि एक एकांत और न्याय प्रिय ग्रह है, जिसका चरित्र आत्मियता और मानवता से भरा हुआ है। शनि को भीड़-भाड़ और सामाजिक आडम्बरों और दिखावे से नफरत है। वहीं, मंगल आत्मविश्वास और अनुशाशन प्रिय ग्रह है, जो कि सेना नायकों और सरकारी आदेशों का सूचक है।

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