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शुक्र का वृषभ राशि में गोचर, आईये जानते हैं आपकी राशि पर शुक्र के इस गोचर का क्या प्रभाव होगा?

शुक्र का वृषभ राशि में गोचर, आईये जानते हैं आपकी राशि पर शुक्र के इस गोचर का क्या प्रभाव होगा?

वैदिक ज्योतिष में शुक्र ग्रह का विशेष महत्व बताया गया है। यह स्त्री, प्रणय, विवाह, वैभव, विलास, राग-रंग, कला, कल्चर, साहित्य, संतान, आदि का कारक ग्रह है। वैभव का कारक होने के कारण यह राजसी जीवन प्रदान करता है। जन्म कुंडली में शुक्र मजबूत हो तो उस जातक को बड़ा मकान वाहन नौकर-चाकर आदि का सुख प्राप्त होता है| इसके विपरीत कमजोर शुक्र जातक को उसके जीवन में इन सुखों से वंचित रखता है। शुक्र के उच्च राशि में होने से उस जातक का रुझान भोग-विलास और स्त्रियों की ओर दूसरों की अपेक्षा अधिक रहता है। ऐसे व्यक्ति ज्यादातर आमोद-प्रमोद में लिप्त जीवन जीना पसंद करते हैं। ऐसे लोगों के जीवन में प्रेम का खुमार चढ़ा रहता है तथा भोग-विलास इनका एक तरह का शौक बन जाता है। शुक्र सुंदरता का कारक है, इनसे प्रभावित जातक के चेहरे पर एक अजब सा नूर रहता है जिसे आसानी से पहचाना जा सकता है।

इस गोचर के दौरान शुक्र मेष राशि को छोड़कर अपनी स्वराशि वृषभ में प्रवेश करेंगे| शुक्र को मीन राशि में उच्च तो कन्या में नीच का माना जाता है। उच्च राशि व स्वराशि के होने पर ग्रह का प्रभाव सामान्यत: पोजीटिव रहता है। लेकिन यदि उस पर किसी पाप या क्रूर ग्रह की दृष्टि पड़ रही हो तो वह नेगेटिव परिणाम देने वाला भी हो सकता है। शुक्र ग्रह एक राशि में लगभग 24 दिन तक रहते हैं, शुक्र ग्रह 28 मार्च 2020, शनिवार को दिन में 15 बजकर 38 मिनट पर वृषभ राशि में गोचर करेगा, और इस राशि में एक लम्बी अवधि तक रहेगा| अर्थात 01 अगस्त 2020, शनिवार की प्रातः 05 बजकर 09 मिनट तक इसी राशि में स्थित रहेगा। इस दौरान शुक्र के संचरण से सभी राशियाँ प्रभावित होंगी। आईये जानते हैं आपकी राशि पर शुक्र के इस गोचर का क्या प्रभाव होगा?

मेष राशि (Aries)

इस राशि परिवर्तन के दौरान मेष राशि वालों के लिए शुक्रदेव आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर करेंगे| इस गोचर के दौरान आपको अपनी संवाद शैली में अद्भुत प्रभाव दिखाई देगा, आप एक प्रभावी वक्ता के रूप में उभर सकते हैं, और दूसरों पर अपना प्रभाव छोड़ने में कामयाब हो सकते हैं| दांपत्य जीवन मधुर रहेगा, जीवनसाथी का पूर्ण सहयोग मिलेगा। साझेदारी के संबंध भी मैत्रीपूर्ण रहेंगे। संपत्ति संबंधी लेन-देन में आपको लाभ हो सकता है। यदि पिछले कुछ समय से किसी विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं तो इस समय सफलता मिल सकती है| इस अवधि में आपको स्वादिष्ट और तरह-तरह के व्यंजनों का स्वाद लेने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह समय आपके अनुकूल रहने वाला है|

लक्ष्मी की उपासना करें, ॐ महालक्ष्म्यै नमः इस मन्त्र का नित्य 108 बार जाप करें।
घर में तुलसी का पौधा लगाएं और उसकी पूजा करें।

वृषभ राशि (Taurus)

इस राशि परिवर्तन के दौरान वृषभ राशि वालों के लिए शुक्रदेव आपकी राशि में ही गोचर करेंगे| इस समय आप अपेक्षित परिणाम मिलने की उम्मीद रख सकते हैं। आपका कोई सपना साकार हो सकता है। नये घर अथवा गाड़ी की खरीद को लेकर उत्साहित हो सकते हैं। नौकरी या बिजनेस में लाभ मिल सकता है| घरेलू जीवन भी सौहार्दपूर्ण रहने के आसार हैं। इस गोचरीय काल में व्यक्तिगत स्तर पर आपका विकास होगा और इसके परिणामस्वरूप जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में आपको शुभ परिणाम मिलेंगे। आप अपने शत्रु पर हावी रहेंगे और उन पर आपका डर बना रहेगा। यदि आप विवाहित हैं तो इस गोचरकाल के दौरान आपको संतान सुख की प्राप्ति हो सकती है। वहीं जो जातक अविवाहित हैं, उनके विवाह के योग बन रहे हैं। इस गोचरीय अवधि के दौरान आपकी रुचि धर्म कर्म के कार्यों में विशेष रूप से होगी और जीवन में सुख समृद्धि आएगी। यदि आप किसी बिज़नेस से जुड़े हैं तो, इस गोचरकाल में आपको व्यापार से ख़ासा लाभ की प्राप्ति हो सकती है।

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श्री सूक्त का प्रतिदिन पाठ करें।
चांदी, चावल, दूध, दही, श्वेत चंदन, सफेद वस्त्र तथा सुगंधित पदार्थ किसी पुजारी की पत्नी को दान करें।

मिथुन राशि (Gemini)

इस राशि परिवर्तन के दौरान मिथुन राशि वालों के लिए शुक्रदेव आपकी राशि से बारहवें भाव में गोचर करेंगे| यह गोचर आपके लिए फायदमंद साबित हो सकता है। किसी विदेशी स्रोत से फायदा मिल सकता है। शुक्र के इस गोचर काल में जहाँ एक तरफ आपके ख़र्चों में वृद्धि होगी, वहीं दूसरी तरफ आप भौतिक सुखों का लाभ भी उठा पाएंगे। ऐसा कहा जा सकता है कि इस अवधि में आपको विशेष रूप से आर्थिक स्तर पर एक संतुलन बना कर चलना होगा। हालांकि विभिन्न स्रोतों से आर्थिक लाभ और धन में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। इस दौरान आप अपने पसंदीदा जगह पर घूमने जा सकते हैं। गोचर के दौरान वासनात्मक क्रियाओं में आपका ध्यान अधिक रहेगा। जीवन साथी की सेहत में गिरावट देखने को मिल सकती है इस समय आप भौतिक सुखों का लाभ भी उठा पाएंगे।

अच्छे फलों की प्राप्ति के लिए चार मुखी रुद्राक्ष शुक्रवार को धारण करें|
गाय को हरा चारा खिलाने से लाभ मिलेगा|

कर्क राशि (Cancer)

इस राशि परिवर्तन के दौरान कर्क राशि वालों के लिए शुक्रदेव आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में गोचर करेंगे| इस गोचर के दौरान आपको धन लाभ और कार्यों में सफ़लता प्राप्त होगी| शुक्र आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने का काम करेंगे| कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को विशेष रूप से सराहा जाएगा, और इसके फलस्वरूप आपके आय में भी वृद्धि हो सकती है। यदि लंबे समय से किसी नये घर या गाड़ी खरीदने के लिये प्रयासरत थे, तो इस समय आपको सफलता मिल सकती है। आप एक नये बिजनेस की शुरुआत करने की योजना भी इस समय बना सकते हैं। अगर आप इस दौरान शेयर बाज़ार में निवेश करते हैं तो उसमें भी आपको लाभ मिलने की संभावना है।

शुभ फलों की प्राप्ति के लिए गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करें|
श्वेत चन्दन का तिलक लगाएं|

सिंह राशि (Leo)

इस राशि परिवर्तन के दौरान सिंह राशि वालों के लिए शुक्रदेव आपकी राशि से दशवें भाव में गोचर करेंगे| इस समय नौकरी करने वालों को अच्छी सफलता मिल सकती है| बिज़नेस में निवेश करना आपके लिए फ़ायदेमंद साबित होगा| इस गोचर के दौरान व्यापार में आपको किसी विदेशी श्रोत से लाभ प्राप्त हो सकता है| सामाजिक स्तर पर आप अपनी भाषा-शैली के माध्यम से लोगों को प्रभावित करने में सफल होंगे| आपको कार्यस्थल पर अपने उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा| घर के वातावरण में सुख-शांति देखने को मिलेगी। पिताजी के साथ आपके रिश्ते और भी बेहतर होंगे| और उनसे लाभ भी प्राप्त हो सकता है। किसी वजह से जीवन साथी से दूर जाना पड़ सकता है। जो जातक अभी तक रोजगार से वंचित हैं उन्हें नौकरी का अवसर मिल सकता है। इस समय स्वास्थ्य बेहतर रह सकता है|

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