मीन राशि में शनि गोचर का प्रभाव
जब शनि बारहवें भाव में गोचर करता है, तो साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो जाता है कुम्भ राशि में शनि का संचार हुआ है ऐसे में मीन राशि से शनि बारहवें हुए । इस काल में जातक के जीवन में कई तरह की चुनौतियां आती हैं। कदम-कदम पर वह खुद को किसी नई चुनौती में घिरा हुआ पाता है। एक समय बाद आपको यह भी महसूस हो सकता है कि शायद आपके ही प्रयास में कमी रह गई है जिस कारण आप सफल नहीं हो पा रहे हैं। जबकि ऐसा नहीं है। आपको प्रयास जारी रखना और जी जान से मेहनत करनी है। निश्चित रूप से आपको औसत से ज्यादा मेहनत करने के बाद ही पर्याप्त फल प्राप्त होंगे। लेकिन खुद को निरोश नहीं होने देना है। हालांकि आपके व्यापार में हानि भी हो सकती है।
नतीजतन आप पहले की तुलना में बहुत अधिक व्यथित महसूस कर सकते हैं। इन सबसे बचने के लिए बेहतर होगा कि आप शांत रहें और इस दौरान कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। जब कुछ न किया जाए, तो अपने काम से कुछ दिनों के लिए छुट्टी ले लें। कठिन समय सिर्फ व्यवसायिक लोगों के लिए ही नहीं होगा बल्कि नौकरीपेशी लोगों की भी यही स्थिति होगी। कोशिश करें कि कुछ दिनों के लिए अपने शहर से कहीं बाहर चले जाएं। निजी संबंधों की बात करें, तो शनि गोचर का प्रभाव आपके रिलेशनशिप पर भी पड़ेगा। आपको चाहिए कि समझदारी के साथ अपने सभी रिश्तों को संभालें। अपने रिश्ते में सौहार्द और करुणा बनाए रखें। आपको इस समय यात्रा करन से बचना चाहिए।
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