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जानें,श‍िवजी पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए ?

जानें,श‍िवजी पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए ?

जानें,श‍िवजी पर क्या नहीं चढ़ाना चाहिए ?

आपने कभी सोचा है क‍ि जब सभी देवी-देवताओं को स‍िंदूर चढ़ाते हैं तो श‍िवजी को क्‍यों नहीं चढ़ाते। या फ‍िर आप ये जानना चाहते हैं क‍ि ऐसी कौन सी चीजें हैं जो श‍िवजी को नहीं चढ़ानी चाह‍िए? तो हमारे इस लेख में आपको ये सारी जानकार‍ियां म‍िल जाएंगी। आइए जानते हैं…

सबसे पहले जानें स‍िंदूर क्‍यों नहीं चढ़ाते

श‍िवजी की पूजा करते समय ध्‍यान रखें क‍ि कभी भी स‍िंदूर न चढ़ाएं। हालांक‍ि स‍िंदूर अन्‍य देवी-देवताओं को अत्‍यंत प्र‍िय है। स‍िंदूर को लेकर कहा जाता है क‍ि हिंदू महिलाएं इसे अपने पति की लंबी उम्र के लिए लगाती हैं। वहीं, भगवान शिव संहारक के रूप में जाने जाते हैं इसलिए शिवलिंग पर स‍िंदूर नहीं चढ़ाया जाता है। धार्मिक मान्‍यताओं के अनुसार श‍िवजी को स‍िंदूर चढ़ाना अशुभ होता है।

हल्‍दी भी नहीं चढ़ाते हैं श‍िवजी को
हल्‍दी को सनातन धर्म में अत्‍यंत ही शुद्ध और पव‍ित्र मानते हैं। लेक‍िन यह हैरानी की ही बात है क‍ि इसे कभी भी भोलेनाथ पर नहीं चढ़ाते। शास्त्रों के अनुसार शिवलिंग पुरुष तत्व का प्रतीक है और हल्दी स्त्रियों से संबंधित है। यही वजह है क‍ि भोलेनाथ को हल्दी नहीं चढ़ाई जाती है। कहा जाता है क‍ि अगर आप शिवजी की पूजा में हल्दी का प्रयोग करते हैं तो इससे आपकी पूजा बेकार हो जाती है और आपकी पूजा का फल नहीं मिल पाता है। इसलिए भूलकर भी शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए।

श‍िवल‍िंग पर भूलकर भी शंख से जल न चढ़ाएं। हालांक‍ि प्रत्‍येक पूजा में इसका प्रयोग क‍िया जाता है। देवी-देवताओं को इससे जल भी चढ़ाया जाता है। लेक‍िन भोलेनाथ की पूजा में शंख का प्रयोग नहीं क‍िया जाता है। श‍िवपुराण के अनुसार शंखचूड़ एक महापराक्रमी दैत्‍य था। उसका वध श‍िवजी ने किया था तो इसल‍िए शंख का जल शिव पूजा में न‍िषेध है। यही वजह है क‍ि भोलेनाथ को शंख से जल नहीं चढ़ाया जाता है।

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