Home Articles अन्य लेख
अन्य लेख

जानें मरने के समय मुंह में क्यों रखते है गंगाजल और तुलती ?

जानें मरने के समय मुंह में क्यों रखते है गंगाजल और तुलती ?

जानें मरने के समय मुंह में क्यों रखते है गंगाजल और तुलती ?

हिन्दू धर्म में जल को शुद्धि करने वाला माना गया है. इसलिए पूजा-पाठ हो या कोई भी अनुष्ठान सबसे पहले जल से पूजन सामग्री और पूजा करने वाले को शुद्ध किया जाता है. स्नान भी इसी का हिस्सा है. लेकिन जल में गंगा नदी के जल को सबसे पवित्र माना जाता है. कारण यह है कि गंगा को स्वर्ग की नदी कहा गया है।

गंगाजल के साथ-साथ मौत के समय मुंह में तुलसी पत्ता भी रखा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, तुलसी हमेशा श्री व‌िष्णु के स‌िर पर सजती है। तुलसी धारण करने से यमराज आत्मा को कष्ट‌ नहीं पहुंचाता है। मरणोपरान्त परलोक में आत्मा को यमराज के कठिन दंड का सामना नहीं करना पड़े इसल‌िए मरते समय मुंह में तुलसी का पत्ता रखा जाता है।अब बात करते हैं जमजम के पानी के बारे में। मक्का में स्‍थ‌ित एक पव‌ित्र कुएं से जमजम का पानी आता है।

ALSO READ  केमद्रुम योग: सफलता में बाधा बनने वाला यह योग क्या सच में इतना खतरनाक है ?

इस पानी का इस्लाम धर्म में उतना ही महत्व है जितना कि गंगाजल का हिंदू धर्म में। ज‌िस तरह गंगाजल कभी खराब नहीं होता है ठीक उसी तरह जमजम का पानी भी हमेशा पाक रहता है।

आप इस लेख का आधा भाग पढ़ चुके हैं

आगे पढ़ने के लिए लॉगिन करें। खाता बनाना पूरी तरह निःशुल्क है – Google या मोबाइल OTP से, एक मिनट में।

लॉगिन करें और आगे पढ़ें नया यूज़र? निःशुल्क खाता बनाएँ

क्या आपके जीवन में कोई प्रश्न है?

अनुभवी ज्योतिषियों से कुंडली, विवाह, करियर और वास्तु पर व्यक्तिगत परामर्श लें।

अभी परामर्श लें