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विनायक चतुर्थी कब आती है?

 

विनायक चतुर्थी कब आती है ?

मुख्य विनायक चतुर्थी भाद्रपद महीने में आती है, हालांकि विनायक चतुर्थी प्रत्येक महीने में आती है। भाद्रपद महीने की विनायक चतुर्थी को ‘गणेश चतुर्थी’ कहा जाता है। गणेश चतुर्थी हिन्दूओं का अत्यधिक शुभ त्यौहार है जो कि सम्पूर्ण भारत सहित पूरे विश्व में मनाया जाता है।

गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है जो कि हिन्दूओं का अत्यधिक शुभ त्यौहार है, यह पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। ‘भगवान श्रीगणेशजी’ समृद्धि, ज्ञान व अच्छे भाग्य के प्रतीक हैं। यह त्यौहार पूरे भारत में 11 दिन पूरे उत्साह व जुनून के साथ मनाया जाता है।

गणेश चतुर्थी/ विनायक चतुर्थी का महत्व

गणेश चतुर्थी, जिन्हें विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है, यह एक हिंदू त्यौहार है जो हिंदू धर्म के अन्य देवताओं में सबसे प्रथम पूजनीय भगवान गणेश के महत्व को दर्शाता है। हिंदू कैलेंडर के भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष के चैथे दिन यह त्यौहार मनाया जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, यह दिन आम तौर पर अगस्त या सितंबर महीने के आसपास आता है। गणेश चतुर्थी के दिन, श्रद्धालू दस दिनों के लिए पूजा की वेदी पर भगवान श्रीगणेशजी की प्रतिमा को स्थापित कर उनके जन्म दिवस को मनाते हैं।

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गणेश चतुर्थी उत्सव को भारत के महाराष्ट्र राज्य में बहुत उत्साहए जोश और भव्यता से मनाया जाता है। महाराष्ट्र की सामान्य आबादी उन्हें अपने दिव्य भगवान के रूप में देखती है और इस 10 दिवसीय उत्सव के बीच ‘गणपति बप्पा मोरिया’ के मंत्रों का उच्चारण करती है। दसवें दिन, संगीत और भजनों के साथ गणपति जी की शोभायात्रा निकाली जाती हैं। उसके बाद मूर्तियों को समुद्र में या अन्य बहते पानी में विसर्जित किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि हर साल भगवान गणेश कैलाश पर्वत से 10 दिन तक अपने भक्तों की इच्छाओं को पूरा करने के लिए उतरते हैं, और अंतिम दिन वे अपने लोक में माता पार्वती और भगवान शिव के पास वापस लौट जाते हैं। यह उनके श्रद्धालुओं के लिए सबसे भावुक समय होता है और, वे उनसे अगले साल (हिंदीः गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ) उनसे जल्दी आने वाले वादापूर्ण वादे का अनुरोध करके उन्हें विदाई देते हैं।.

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