जानिए,ये आदते जो करती है चन्द्रमा को कमजोर
ज्योतिष शास्त्र में हर ग्रह का अपना एक विशेष महत्व है। साथ ही हर ग्रह अपना प्रभाव मानव जीवन के ऊपर छोड़ता है। यहां हम बात करने जा रहे हैं चंद्र ग्रह की, जिनको ज्योतिष में मन का कारक कहा जाता है। साथ ही चंद्र ग्रह जन्मकुंडली में माता का प्रतिनिधित्व करते हैं। यदि कुंडली में चंद्रमा की स्थिति सही न हो तो व्यक्ति को कई तरह की मानसिक समस्याओं के अलावा भी कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए कुंडली में चंद्रमा का अनुकूल होना आवश्यक होता है। वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिस व्यक्ति के लग्न भाव में चंद्रमा होता है, वह व्यक्ति देखने में सुंदर और आकर्षक होता है और स्वभाव से साहसी होता है।
आपको हम आज बताने जा रहे हैं अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा ग्रह कमजोर या अशुभ हो तो उसको जीवन में क्या परेशानियां आने लगती हैं और उसके उपाय क्या हैं।
चंद्र कमजोर होने से जीवन में आने लगती हैं ये परेशानियां:
ज्योतिष शास्त्र अनुसार जन्मकुंडली में पीड़ित चंद्रमा के कारण व्यक्ति को मानसिक पीड़ा होती है। इस दौरान व्यक्ति की स्मृति कमज़ोर हो जाती है और उसे डिप्रेशन हो जाता है। साथ ही माता जी को किसी न किसी प्रकार की दिक्कत बनी रहती है। साथ ही व्यक्ति को जल से भय लगता है। वहीं कई बार जातक इस दौरान आत्महत्या करनी की कोशिश करता है। वहीं चंद्रमा कुंडली में अशुभ होने से खांसी-जुकाम, अस्थमा, आईएलडी आदि सांस या फेफड़ों से संबंधित बीमारियां परेशान करती हैं। वहीं एकाग्रता की कमी, नींद न आना और दिमाग को विचलित करने वाली सभी समस्याओं की वजह भी चंद्र का अशुभ होना ही है।
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