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सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर!! यहाँ जानिए यह गोचर सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव डालेगा

सूर्य का वृश्चिक राशि में गोचर!! यहाँ जानिए यह गोचर सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव डालेगा

सूर्य, जिसे ग्रहों का राजा माना जाता है, 16 नवंबर 2020 को सुबह 06:40 पर अपनी नीच राशि तुला से निकलकर अपनी मित्र राशि वृश्चिक में प्रवेश कर जाएगा। यह 15 दिसंबर 2020 तक इस राशि में रहेगा और 21:19 पर धनु में प्रवेश करेगा।

सूर्य की राशि सिंह होती है अगर कुंडली में सूर्य मजबूत स्थिति में होता है इससे इंसान को समाज में मान सम्मान और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है लेकिन अगर कुंडली में सूर्य के अशुभ होने पर पेट, आंख ह्रदय का रोग हो सकता है, साथ ही इससे सरकारी काम में बाधा भी उत्पन्न होती है चूंकि अग्नि तत्व प्रधान ग्रह का गोचर वृश्चिक राशि में हो रहा है इसलिए वैवाहिक जीवन में रोमांस की अधिकता हो सकती है।

आत्मबल और तेज के प्रतीक सूर्य नारायण सभी नौ ग्रहों में प्रधान है। इसलिए इन्हें ग्रहों का राजा कहा जाता है। ज्योतिष में सूर्य ग्रह नेतृत्व, सरकारी अथवा निजी क्षेत्र में उच्च पद, सरकारी नौकरी, मान-सम्मान, आत्मा, राजसी जीवन आदि का कारक होता है। सूर्य ग्रह का धार्मिक और आध्यात्मिक रूप में भी बड़ा महत्व है।

हिन्दू धर्म में वैदिक युग से ही सूर्य की उपासना की जाती रही है। लोग प्रातः उठकर सूर्य नमस्कार करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य की स्थिति शुभ होती है तो इससे उन्हें सरकारी नौकरी और राजनीतिक जीवन में सफलता प्राप्त होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

हालांकि दूसरी तरफ यदि किसी कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर हो तो इससे जातक को समाज में मिलने वाले मान-सम्मान में कमी, परिवार में पिता के साथ मतभेद और आँख से जुड़ी कोई समस्या उत्पन्न होने की संभावना रहती है।

आपकी राशि से जिस भाव में सूर्य की स्थिति होगी उसके अनुसार ही आपको अच्छे और बुरे फल प्राप्त होंगें। जहाँ तक सूर्य के अशुभ प्रभावों का सवाल है तो, वैदिक ज्योतिष में बहुत से ऐसे उपाय बताए गए हैं जिसके प्रयोग से आप सूर्य के बुरे प्रभावों से बच सकते हैं। सभी नव ग्रहों का केंद्र सूर्य को ही माना जाता है, लिहाज़ा सूर्य का प्रभाव ख़ासा मायने रखता है।

सूर्य का गोचर वैदिक ज्योतिष में अत्यंत महत्वपूर्ण मन जाता है| क्योंकि सूर्य देव को सभी ग्रहों का राजा कहा गया है और यह आरोग्य के देवता हैं, जो समस्त संसार को अपने प्रकाश से जीवन ऊर्जा प्रदान करते हैं। सूर्य लगभग 1 महीने में एक राशि का भोग करते हुए दूसरी राशि में प्रवेश करता है और इस प्रकार सूर्य का गोचर एक महीने में होता है, जिसे संक्रांति कहा जाता है।

सूर्य का वृश्चिक राशि में प्रवेश 16 नवंबर 2020 को सुबह 06 बजकर 54 मिनट पर अपनी नीच राशि तुला से निकलकर अपनी मित्र राशि वृश्चिक में प्रवेश कर जाएगा। यह 15 दिसंबर 2020 तक इस राशि में रहेगा और 21 बजकर 32 मिनट पर धनु में प्रवेश करेगा। सूर्य के इस राशि परिवर्तन को ”वृश्चिक संक्रांति” कहा जाता है, और इस दिन को स्नान-दान-तर्पण आदि के लिए बहुत शुभ माना जाता है| सूर्य इस गोचर काल के दौरान अपनी मित्र राशि में होंगे।

तो आइए जानते हैं कि सूर्य का वृश्चिक राशि में यह गोचर सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव डालेगा।

मेष राशि (Aries)

मेष राशि वालों के लिए सूर्यदेव आपकी राशि से आठवें भाव में गोचर करेंगे| मेष राशि के जातकों के लिए यह समय थोड़ा परेशानी भरा रहेगा| इस भाव में गोचर के प्रभाव से आपको स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं हो सकती हैं और आप बीमार पड़ सकते हैं। आपको अचानक से त्वचा संबंधित परेशानियां, पित्त रोग में वृद्धि और बुखार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, इसीलिए आपको अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

हालाँकि ऐसा तभी होगा, जब आपकी कुंडली में अशुभ ग्रहों की दशा चल रही हो। इस समय में मर्यादा के विरुद्ध जाकर कोई भी कार्य करना हितकर नहीं होगा क्योंकि आपकी मानहानि हो सकती है। इस गोचर के प्रभाव से आपकी आमदनी में गिरावट आ सकती है और किसी प्रकार की धन हानि होने की भी संभावना रहेगी।

आपको धन प्राप्ति के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ेगा, तब जाकर आंशिक रूप से धन लाभ होगा। यह समय आपके पिता और पिता समान लोगों के लिए अनुकूल नहीं रहेगा और उन्हें स्वास्थ्य कष्ट तथा करियर में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। यदि आप सरकारी नौकरी करते हैं और आप के खिलाफ कोई आरोप है तो इस समय आपको थोड़ा सतर्क रहना चाहिए। आपके सामाजिक स्तर में गिरावट आ सकती है और महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति होने में विलंब होने के आसार हैं।

वृषभ राशि(Taurus)

सूर्य का यह गोचर वृषभ राशि के सातवें घर में होने वाला है। सातवें घर को जीवन साथी, व्यवसाय, और व्यावसायिक साझेदारी का घर भी माना जाता है। जैसा कि सूर्य वृषभ राशि के पहले घर पर प्रभाव डाल रहा है ऐसे में आप कभी-कभी अपने व्यवहार में कुछ अधिक आधिकारिक और हावी बन सकते हैं। आप के इस व्यवहार से आपके जीवन साथी और आपके प्रियजनों के बीच कुछ समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए जितना हो सके अपने साथी के प्रति विनम्र रहने की कोशिश करें और उन्हें उनका स्पेस देना ना भूलें। यह आपके और आपके पार्टनर के रिश्ते को और मजबूत बनाने में मददगार साबित होगा।

वृषभ राशि के जातक जो साझेदारी में व्यवसाय कर रहे हैं उन्हें इस दौरान कुछ ग़लतफहमी और मतभेदों का सामना भी करना पड़ सकता है। जितना हो सके अपने साथी से बात करें जिससे आपको समस्या का हल निकालने में मदद मिलेगी। कार्य क्षेत्र से जुड़े वृषभ राशि के जातकों को इस समय के दौरान कार्य क्षेत्र पर अपने वरिष्ठ अधिकारियों या सहयोगियों से कुछ अपमान का सामना भी करना पड़ सकता है। हालांकि सलाह यही दी जाती है कि उनसे किसी भी तरह के वाद-विवाद में ना उलझे बल्कि बेहतर होगा कि आप शांति से इस स्थिति से बाहर निकल आएं।

सही समय आने पर आप इस मुद्दे को बात करके सुलझाने का प्रयास भी कर सकते हैं। यदि आवश्यक नहीं है तो किसी भी यात्रा पर जाने से बचें क्योंकि इसमें सिर्फ आपका पैसा और समय व्यर्थ ही जाएगा। स्वास्थ्य के बारें में बात करें तो इस गोचर के दौरान आपको अपने पेट से जुड़ी किसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए कोशिश करें कि इस दौरान भरपूर मात्रा में पानी पिएं। इसके अलावा बहुत ज्यादा नमक और मसालों वाले खाने से दूर रहें। स्वस्थ रहने के लिए खुद को ऐसी शारीरिक गतिविधियों में शामिल करें जिसमें आपका जमकर पसीना निकले। यह आपके स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा।

उपाय : सूर्योदय के समय सूर्य देव को जल अर्पित करें।

मिथुन राशि (Gemini)

मिथुन राशि वालों के लिए सूर्यदेव आपकी राशि से छठे भाव में गोचर करेंगे| सूर्य का यह गोचर आपको सरकारी क्षेत्र से जबरदस्त सफलता दिलाने वाला रहेगा| आपके खर्चों पर भी लगाम लगेगी। इस गोचर के प्रभाव से आपकी नौकरी में अच्छे परिणाम मिलने शुरू हो जाएंगे। आपकी मेहनत आपके पक्ष में परिणाम प्रदान करेगी और आपको आपकी मेहनत का फल मिलेगा।

आप अपने विरोधियों पर हावी रहेंगे और वे चाह कर भी आपका बाल भी बांका नहीं कर पाएंगे। इस अवधि में आप किसी कोर्ट या कचहरी के मामले में सफलता अर्जित करेंगे और उससे भी आपको लाभ होगा। सरकारी क्षेत्र या शासन प्रशासन से आपको उत्तम लाभ के योग बनेंगे। वरिष्ठ अधिकारी और समाज के गणमान्य लोग आपके साथ जुड़ेंगे और उनसे संपर्क का लाभ आपको अच्छे से प्राप्त होगा।

इसके विपरीत, परिवार के किसी व्यक्ति से आप का विवाद बढ़ सकता है, जो आपको चिंता देगा| लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से यह समय उत्तम रहेगा। इस दौरान आपको अपनी किसी लंबी चली आ रही बीमारी से छुटकारा मिल सकता है।

कर्क राशि (Cancer)

कर्क राशि वालों के लिए सूर्यदेव आपकी राशि से पांचवें भाव में गोचर करेंगे| सूर्य का यह गोचर आपके लिए मिले-जुले परिणाम देने वाला रहेगा| सूर्य के इस भाव में गोचर के दौरान आपके प्रेम जीवन में दिक्कतें आ सकती हैं। आपका प्रेमी आपसे बहुत उम्मीदें करेगा और उनकी हर उम्मीद को पूरा कर पाने में आप कामयाब नहीं होंगे जिसके चलते अनबन हो सकती है।

ऐसे समय में आपको अपने साथी से खुलकर बात करनी चाहिये और छोटी-मोटी बातों को नजरअंदाज करना चाहिए। सूर्य के गोचर काल में आपको अपने स्वास्थ्य का भी ख़ास ध्यान रखने की आवश्यकता पड़ सकती है। स्वास्थ्य को लेकर बरती जानी वाली लापरवाही आपके लिए इस समय हानिकारक साबित हो सकती है।

सेहतमंद रहने के लिए अपनी लाइफस्टाइल में सुधार करें और अपना रूटीन सही रखें। इस राशि के विद्यार्थियों के लिये सूर्य की पंचम भाव में स्थिति लाभदायक है यदि किसी प्रतियोगी परीक्षा में हिस्सा लिया था तो आपको सफलता मिल सकती है।

सिंह राशि (Leo)

सिंह राशि वालों के लिए सूर्यदेव आपकी राशि से चौथे भाव में गोचर करेंगे| इस गोचर अवधि में आपके पारिवारिक जीवन में कुछ शांति का वातावरण रहेगा। लेकिन आपकी माताजी का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है तथा घर में स्वयं को सबसे ऊपर सिद्ध करने की आपकी प्रवृत्ति के कारण लड़ाई झगड़ा हो सकता है। इस दौरान प्रॉपर्टी के माध्यम से आप अच्छा धन अर्जित कर सकते हैं।

साथ ही ऐसी संभावना बनेगी की वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग से आप कोई प्रॉपर्टी अथवा वाहन खरीद पाएं। आपको अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए। कोई पुरानी चली आ रही बीमारी अथवा कोई लंबी बीमारी आपको कष्ट दे सकती है इसलिए स्वास्थ्य संबंधित किसी भी परेशानी को बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें।

इस दौरान आप अपने घर और परिजनों पर धन खर्च कर सकते हैं। आमदनी में थोड़ी कमी रहेगी लेकिन निराश होने की जरूरत नहीं है क्योंकि आपका कोई कार्य रुकेगा नहीं। जीवनसाथी के साथ प्रेम पूर्वक व्यवहार रखें और उनका सम्मान करें।

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