Vastu Tips : नया घर खरीदने से पहले जान ले वास्तु के ये नियम…
Vastu Tips: जब कोई नया घर लेने या बनवाने की सोचता है, तो उसकी एक ही तमन्ना होती है कि उसका घर वास्तु के अनुरूप हो ताकि घर में सुख-समृद्धि बनी रहे. इसलिए हर व्यक्ति चाहता है कि उसके घर का मुख वास्तु के अनुसार पूर्व या उत्तर दिशा में हो.
जब कोई नया घर लेने या बनवाने की सोचता है, तो उसकी एक ही तमन्ना होती है कि उसका घर वास्तु के अनुरूप हो ताकि घर में सुख-समृद्धि बनी रहे. इसलिए हर व्यक्ति चाहता है कि उसके घर का मुख वास्तु के अनुसार पूर्व या उत्तर दिशा में हो. इन दोनों दिशाओं के बाद लोगों की तीसरी पसंद पश्चिम दिशा में मुख्य द्वार वाला घर होता है, लेकिन दक्षिण दिशा वाले मकान में लोग बसने से डरते हैं. यही कारण है कि दक्षिणमुखी मकान और जमीन को जल्दी कोई ग्राहक नहीं मिलता है.
इसका कारण यह है दक्षिण मुखी घर को लेकर ऐसी भ्रांति है कि ऐसे घर में रहने वाले व्यक्ति को कष्ट और समस्याओं का सामना करना पड़ता है. ऐसे घर में रहने पर किसी की अकाल मृत्यु हो सकती है. जबकि वास्तुशास्त्री कहते हैं कि दक्षिण दिशा में मुख वाला घर अगर वास्तु अनुकूल बना हो तो दूसरी दिशाओं की तुलना में ऐसे घर में रहने वाले लोग बहुत ज्यादा यश और मान-सम्मान पाते हैं।
ऐसे घर में रहने वाले लोगों का जीवन वैभवशाली होता है.घर का मुख्य द्वार दक्षिण पूर्व कोने में होना चाहिए. दक्षिण पश्चिम में मुख्य द्वार बिल्कुल नहीं होना चाहिए. इस स्थिति में घर वास्तु के अनुरूप कभी नहीं हो सकता. दक्षिण की तुलना में उत्तर दिशा में और पश्चिम की तुलना में पूर्व दिशा अधिक खुली जगह छोड़नी चाहिए.किसी भी प्रकार के भूमिगत टैंक जैसे फ्रैश वाटर टैंक, बोरिंग, कुंआ, इत्यादि केवल उत्तर दिशा, उत्तर ईशान, पूर्व ईशान व पूर्व दिशा के बीच ही कम्पाउंड वॉल के साथ हो इसका ध्यान रखें. सैप्टिक टैंक उत्तर या पूर्व दिशा में ही बनाएं।
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