भारत में हिंदुओं के त्यौहारों का अलग ही महत्व है। हिन्दू अपने हर त्यौहारों को बड़े उल्लास से मनाते हैं। हिन्दू धर्म में सारे त्यौहार हिंदी नववर्ष के अनुसार मनाए जाते हैं। हिंदी नववर्ष की शुरुआत चैत्र नवरात्र के साथ यानी चैत्र मास से हो जाती है। हिन्दी वर्ष का चैत्र पहला महीना माना जाता है। चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को ही चैत्र पूर्णिमा कहते हैं। वैसे तो पूर्णिमा का उपवास हर महीने होता है लेकिन चैत्र पूर्णिमा के व्रत का अलग ही महत्व है।
कहा जाता है इस दिन व्रत रखने से सभी की मनोकामनाओं पूरी होती है। यह व्रत बेहद खास होता है। इस व्रत की सबसे जरूरी बात है कि इस दिन चंद्रदेव की आराधना सच्चे मन और पूरी आस्था से की जाए। कहते है अगर इस दिन आपके पास पूजा की सामग्री भी न हो आप तब भी इस व्रत को रख सकते है। इस व्रत को रखने से घर में कभी पैसों की कमी नहीं होती और हमेशा जीवन सुख में रहता है।
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