भगवान विष्णु के ने पृथ्वी को पापियों से मुक्त करने के लिए श्रीकृष्ण रुप में भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि रोहिणी नक्षत्र में देवकी और वासुदेव के पुत्ररूप अवतार लिया था। प्रयास करें की जन्माष्टमी के दिन रात्रि में कृष्ण जन्म होने के बाद हील लड्डू गोपाल का अभिषेक करें। जन्माष्टमी के दिन इस विधि से भगवान लड्डू गोपाल का अभिषेक करने से प्रसन्न होकर कृष्ण जी मन की हर इच्छा पूरी कर देते हैं।
कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव
जन्माष्टमी के दिन कृष्ण भक्त कहीं फूलों की होली खेलते हैं तो कहीं, इत्र की सुगंन्ध का उत्सव होता है, तो कहीं दही हांडी फोड़ने का जोश देखने को मिलता है। भगवान के विग्रह पर हल्दी, दही, घी, तेल, गुलाबजल, मक्खन, केसर, कपूर आदि चढाकर लोग उसका एक दूसरे पर छिडकाव करते हैं। इस दिन मंदिरों को विशेष रुप से सजाया जाता है, भगवान कृष्ण को झूला झुलाने के साथ कहीं-कहीं तो कृष्ण की मधुर रासलीलाओं का आयोजन भी किया जाता है।
ऐसे करें लड्डू गोपाल का अभिषेक
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