Know Today Plan Tomorrow Live Better
Home Articles Vrat & Festivals
Vrat & Festivals

शारदीय नवरात्रि का आज चौथा दिन, करें मां कुष्मांडा की पूजा, ये है मंत्र और महत्व

शारदीय नवरात्रि का आज चौथा दिन, करें मां कुष्मांडा की पूजा, ये है मंत्र और महत्व

Navratri 2019 Maa Kushmanda Puja Vidhi and Mantra: शारदीय नवरात्रि का आज चौथा दिन है। नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के कुष्मांडा स्वरूप की विधि विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। मां कुष्मांडा संसार को अनेक कष्टों और विपदाओं से मुक्ति प्रदान करती हैं। वह अपने भक्तों के दुखों को दूर करती हैं। माता को लाल रंग पुष्प अधिक प्रिय है, पूजा के दौराना देवी कुष्मांडा को आप गुड़हल का पुष्प अर्पित कर सकते हैं। माता की विधि विधान से पूजा के बाद आप दुर्गा चालीसा और मां दुर्गा की आरती जरूर करें।

ALSO READ  Hartalika Teej 2026: 14 सितंबर को हरतालिका तीज, जानें शुभ मुहूर्त, व्रत विधि, कथा और शिव-पार्वती का रहस्य 🚩

कैसे देवी का नाम पड़ा कुष्मांडा

कुष्मांडा का अर्थ होता है कुम्हड़ा। मां दुर्गा असुरों के अत्याचार से संसार को मुक्त करने के लिए कुष्मांडा अवतार में प्रकट हुईं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, देवी कुष्मांडा ने पूरे ब्रह्माण्ड की रचना की है। ऐसी मान्यता है कि पूजा के दौरान उनकी कुम्हड़े की बलि दी जाए तो वे प्रसन्न होती हैं। ब्रह्माण्ड और कुम्हड़े से उनका जुड़ाव होने कारण वे कुष्मांडा के नाम से विख्यात हैं।

मां कुष्मांडा का स्वरूप

मां कुष्मांडा को अष्टभुजा भी कहा जाता है क्योंकि उनकी आठ भुजाएं हैं। इनके हाथों में धनुष, बाण, चक्र, गदा, अमृत कलश, कमल और कमंडल है। वहीं एक और हाथ में वे सिद्धियों और निधियों से युक्त जप की माला धारण करती हैं। माता कुष्मांडा सिंह पर सवार होती हैं।

You have read half of this article

Log in to keep reading. Creating an account is completely free – with Google or mobile OTP, in a minute.

Log in & read more New here? Create a free account

Have a question about your life?

Get personal guidance on kundli, marriage, career and Vastu from experienced astrologers.

Consult Now