- यह मान्यता है कि तुलसी विवाह करवाने से घर में सुख और शांति बनी रहती है. मां लक्ष्मी भी प्रसन्न रहती हैं. तुलसी विवाह का महत्व है कि इस अद्भुत रीति से भगवान की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होती है.
- हर साल हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को प्रदोष काल में तुलसी विवाह के रूप में मनाया जाता है. हिंदू धर्म में तुलसी को एक पवित्र पौधे के रूप में पूजा जाता है और इसे माता लक्ष्मी का स्वरूप भी माना जाता है. प्रति वर्ष तुलसी जी का विवाह भगवान विष्णु के स्वरूप शालीग्राम के साथ किया जाता है.
- यह मान्यता है कि तुलसी विवाह करवाने से घर में सुख और शांति बनी रहती है. मां लक्ष्मी भी प्रसन्न रहती हैं. तुलसी विवाह का महत्व है कि इस अद्भुत रीति से भगवान की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त होती है. इस साल तुलसी विवाह का आयोजन विशेष पूजा-विधि के साथ कई स्थानों पर किया जाएगा.
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