माणिक्य रत्न धारण करने के पहले करे इस मंत्र की जाप
सूर्य का रत्न माणिक्य उनके अनुसार माणिक्य नग जो कि सूर्य का होता है, उसको प्राण-प्रतिष्ठित करने के लिये हमें 7000 मंत्रों का जप करना चाहिये। मंत्र है-ऊॅं घृणिः सूर्याय नमः। इस मंत्र को हमें 7000 हजार बार उच्चारित करना चाहिये।
उच्चारण किसी सुयोग्य ब्राम्हण के द्वारा या आप स्वयं भी इसका उच्चारण कर सकते हैं। प्राण-प्रतिष्ठा करते समय हमें एक आसन पर बैठना चाहिये। शुद्ध जल से रत्न को स्नान करायें।
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