इस पूरे संसार में भगवान शिव से शक्तिशाली और कोई नहीं है। उनके आगे तीनों लोक के देवता भी अपना शीश झुकाते हैं। शास्त्रों में भगवान शिव को मृत्यु का देवता कहा गया है। अकाल मृत्यु और कई रोगों से बचने के लिए भगवान शिव को प्रसन्न करने हेतु महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जाता है।
मान्यता है कि भगवान शिव स्वयं सृजित देवता हैं। उन्हें प्रसन्न करना और उनकी कृपा पाना भक्तों के लिए बहुत सरल है। भगवान शिव को भोलेनाथ के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि वो इतने भोले हैं कि अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा मात्र से ही प्रसन्न हो जाते हैं।
धन, सेहत, संतान, आर्थिक संपन्नता, सुख आदि सब कुछ भगवान शिव की उपासना से पाया जा सकता है।
महामृत्युंजय मंत्र
भगवान शिव को प्रसन्न करने वाले इस मंत्र के जाप से असीम सुख, शांति, समृद्धि की प्राप्ति होती है।
महामृत्युंजय मंत्र ही क्यों
- अगर आप किसी अशुभ दशा या गोचर से गुज़र रहे हैं तो आपको रोज़ इस मंत्र का जाप करने से मानसिक सुख और शांति का अनुभव होगा।
- किसी पुराने या घातक रोग से ग्रस्त व्यक्ति को भी इस मंत्र के जाप से स्वस्थ जीवन की प्राप्ति होती है।
- अकाल मृत्यु से बचाव और दीर्घायु की प्राप्ति के लिए भी महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा सकता है।
- इस मंत्र के जाप से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और पारिवारिक जीवन सुखमय बनता है।
- आर्थिक परेशानियों को भी इस मंत्र के प्रभाव से दूर किया जा सकता है। कर्ज से परेशान या आर्थिक समस्याओं से ग्रस्त व्यक्ति को महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से लाभ होता है।
महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ
ऊं : ये हिंदू धर्म का एक पवित्र चिह्न है।
त्रयंबकं : इसका अर्थ है तीन नेत्रों वाला।
यजामहे : हम पूजा करते हैं, सम्मान करते हैं, आदर करते हैं
सुगंधिम् : मीठी सुगंध
पुष्टि : शांति, संपन्नता, जीवन की पूर्णता
वर्धनाम : शक्ति, पोषण और संपन्नता प्रदान करने वाला।
उर्वारुक्मिव : तरबूज और खीरे की तरह
बंधनान् : कैद से
बंधनान् : झुकना, मैं आपके आगे झुक कर नमन करता हूं।
मृत्यु मोक्षिये : मृत्यु से मुक्ति
मामृतात् : अमरता की प्राप्ति, अमृत।
कैसे करें महामृत्युंजय मंत्र का जाप
You have read half of this article
Log in to keep reading. Creating an account is completely free – with Google or mobile OTP, in a minute.
Log in & read more New here? Create a free accountLog in to read more
You have read 50% of this article for free. Log in once to read the rest – and every astrology, Vastu and horoscope article on Future For You.
- Completely free – no charges
- One click with Google, or mobile OTP
- Straight back to this article after login