गोमेद नग बनवाते समय रखें इस बात का ध्यान…
राहु का नग गोमेद
गोमेद नग बनवाते समय यह ध्यान रहे कि पंचधातु या लोहे में ही होना चाहिये। उसके बाद गोमेद की अंगूठी को शुद्ध जल गंगाजल या कच्चे दूध में धोने के पश्चात उसको चांदी से बने राहु यंत्र के उपर रखकर पूजा करे।
पूजा करते हुये आपका मुंह पूरब दिशा की ओर होना चाहिये। उसके बाद पुष्प, चंदन, धूपबत्ती से पूजा करने के बाद राहु के मंत्रो का जाप करना चाहिये। यह मत्र 18,000 बार करना है।
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