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जानें,मूंगा रत्न पहनने के फायदे…

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मूंगा रत्न पहनने के फायदे

ग्रहों की चाल ठीक करने के लिए राशि के अनुसार रत्न पहनने से व्यक्ति के जीवन में तरक्की के रास्ते खुलते हैं। ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह का रत्न मूंगा को बताया गया है। कहते हैं यदि किसी की कुंडली में मंगल की स्थिति अच्छी है तो उसके साथ सब मंगल ही मंगल होगा। अगर मंगल की स्थिति कमजोर है तो व्यक्ति को काफी संघर्ष करना पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मूंगा रत्न पहनने से व्यक्ति मंगल की स्थिति ठीक होने लगती है। आइए जानते हैं मूंगा पहनने के क्या फायदे है और कैसे इसे धारण करें।

हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल संबंधित कोई परेशानी हो तो उसे किसी जानकारी से सलाह लेकर मूंगा को धारण करना चाहिए। माना जाता है कि मूंगा पहनने से व्यक्ति को कई सफलताएं मिलती हैं। साथ मूंगा व्यक्ति को मानसिक अवसाद से मुक्ति दिलाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सही वजन वाला मूंगा सही विधि से धारण करता है तो ये रत्न उसे धनवान तक बना देता है। लेकिन मूंगा धारण करने से पहले कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।

मूंगा धारण पहनने  से पहले जानें इसके नियम 

– बिना कुंडली दिखाए मूंगा नहीं पहनना चाहिए। दरअसल, मंगल की दो राशियां होती हैं मेष और वृश्चिक।

– जिस व्यक्ति की राशि मेष, वृश्चिक हो या लग्न में सिंह, धनु, मीन राशि हो वह लोग मूंगा पहन सकते हैं।

– यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मांगलिक दोष हो तो ऐसे व्यक्ति को मूंगा धारण करना से लाभ मिलता है। मूंगा मांगलिक दोष के प्रभाव को कम करता है।

– किसी व्यक्ति में अगर आत्मविश्वास की कमी हो या फिर जो सपनों में डर जाता हो तो वह अपनी कुंडली दिखाकर मूंगा धारण कर सकते हैं।

मूंगा रत्न के लाभ 

मूंगा धारण करने से व्यक्ति के अंदर साहस आता है साथ ही आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। मेडिकल क्षेत्र से जुड़े छात्रों को मूंगा पहनने से काफी लाभ होता है।

मूंगा रत्न बाकी रत्नों की तुलना में काफी चिकना होता है। इसलिए ये हाथों में लेने पर फिसलता रहता है। इसके अलावा असली मूंगा पर पानी की बूंदे ठहर जाती हैं जबकि नकली मूंगा पर बूंदे ठहरती नहीं है। बता दें कि मूंगा धारण करने के 21 दिनों बाद अपना असर दिखाना शुरू करता है।

कैसे धारण करना चाहिए मूंगा रत्न 

मूंगा रत्न को सोना चांदी या तांबे की अंगूठी में बनाकर धारण किया जा सकता है। मूंगा की अंगूठी धारण करने से पहले कच्चे दूध और गंगाजल से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद मंगलवार के दिन सुबह से लेकर दोपहर तक किसी भी वक्त दाएं हाथ की अनामिका उंगली में धारण करें। वहीं, स्त्रियां अगर बाएं हाथ की अनामिका उंगली में मूंगा धारण करें तो उन्हे बेहतर परिणाम मिलने लगते हैं।

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