पन्ना रत्न के चमत्कारी फायदे…
पन्ना रत्न जिसका संयोजक क्रोमियम तथा वैनेडियम होता है, जिसकी वजह से इसे हरा रंग प्राप्त होता हैl पन्ना रत्न बुध ग्रह से संबंधित होता है l बुध ग्रह जिसे बच्चे के समान समझा जाता है, जिसमें अनंत शक्तियों का वास होता हैl बुध ग्रह जिस पर ईश्वरीय कृपा बनी रहती है, ऐसे विशिष्ट ग्रह का स्वामी रत्न है, पन्ना जिसे प्रकृति ने स्वयं अपने रंग में रंगा हैl प्राकृतिक रूप से इसमें किसी को जीवंत करने की शक्ति विद्यमान रहती हैl ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार वैसे तो बहुत से ग्रह नक्षत्र उपग्रहों का हमारे ऊपर बहुत ही प्रभाव पड़ता है।
इनका गोचर हमारे जिंदगी में विभिन्न प्रकार के बदलाव लेकर आता है, तथा सभी उपग्रहों ,ग्रहों के रत्न उपरत्न भी अलग-अलग होते हैं, जिसको हमें अपनी कुंडली के अनुसार धारण करना पड़ता है, जो हमें विशिष्ट प्रकार की अपनी- अपनी क्षमताओं के अनुसार उनमें विद्यमान अलौकिक शक्तियां का अनुभूति हमें प्रदान करते हैं, किंतु कभी-कभी यदि यह हमारे कुंडली के अनुरूप नहीं हुए तो ऐसी परिस्थिति में सकारात्मक परिणामों के जगह हमारे जिंदगी में नकारात्मक परिणामों की भरमार हो जाती है, जिससे हमारी जिंदगी तहस-नहस हो जाती हैl हमें विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है lधन हानि से लेकर मानहानि तक सहना पड़ता है, लोगों से मनमुटाव बढ़ जाते हैं, लोगों के द्वारा हमारे ऊपर बहुत से कटाक्ष किए जाते हैंl
हमारे छवि को धूमिल करने के लिए बहुत सी बातें हमारे खिलाफ बोली जाती है, जो शायद हमारे बर्दाश्त से बाहर होती हैं lऐसी परिस्थिति में झगड़ा झंझट भी बहुत बढ़ जाता है lआय अधिक होने की जगह व्यय अधिक होने लगता है lधीरे धीरे आर्थिक स्थिति भी खराब होने लगती हैl मानसिक तथा शारीरिक स्वस्थ भी गिरने लगता हैl विभिन्न प्रकार की चिंताएं बढ़ जाती हैंl अतः रत्न कोई भी हो उसे ज्योतिषीय सलाह के बिना कभी भी धारण नहीं करना चाहिए क्योंकि एक विद्वान पंडित या एक विद्वान ज्योतिष हमें हमारे ग्रह ग्रह नक्षत्रों के अनुसार ही कोई भी रत्न धारण करने की सलाह देते हैंl विभिन्न प्रकार के रत्न जैसे- पुखराज, नीलम, माणिक्य मोती गोमेद पन्ना आदि विविध ग्रहों को निरूपित करते हैं।
पन्ना रत्न एक बहुमूल्य रत्न है, जिसे खरीदना हर किसी के बस की बात नहीं होती है, क्योंकि बाजारों में उपलब्ध पन्ना रत्न प्राकृतिक रूप से प्राप्त है, या कृतिम ग्रुप से बना हुआ है, इसकी जांच विभिन्न मापदंडो को अपना कर ही जाना जा सकता हैl ऐसे में भारी-भरकम रकम लगाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है इसलिए लोगों के द्वारा इसके विभिन्न प्रकार के उपरत्नो का उपयोग भी किया जाता हैl इसके कुछ उपरत्न निम्न है, हरा बेरुज ,ओनिक्स, मरगज, पेरीडॉटl
इन सभी को प्रश्नों में से सबसे अधिक प्रभावशाली तथा शक्तिशाली उपरत्न हैl मरकज जो आसानी से लोगों को उपलब्ध भी हो जाता है l उसके बाद आता है, पेरीडॉट की बारी जिसकी गुणवत्ता भी उत्कृष्ट होती है, इसलिए लोगों के द्वारा इसका पेंडेंट तथा अंगूठी या विभिन्न प्रकार के आभूषण बनाकर धारण किया जाता है l रत्न हो या उपरत्न हमें एक बात का अवश्य ध्यान रखना चाहिए कि बिना इसे अभीमंत्रित किए या सटीक विधि विधान के बिना धारण नहीं करना चाहिएl अन्यथा वह अपनी सर्वोत्तम शक्ति पर काम नहीं करता है, हमें तब इसके उतना अधिक प्रभाव या परिणाम देखने को नहीं मिलते हैं, जितना मिलना चाहिएl
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