वास्तु शास्त्र में आम दिनचर्या के कार्यों में बदलाव के साथ-साथ व्यक्ति के स्वभाव से लेकर बोलने, बैठने और सोने तक के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसके अलावा वास्तु में पूजा घर को लेकर भी कई नियम बताए गए हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, देवी-देवता की पूजा करते समय हर एक चीज का सही जगह पर होना बेहद जरूरी है। क्योंकि पूजा की चीज जैसे कलश, अगरबत्ती, दीपक या अन्य सामग्री सही दिशा में न रखी जाए तो व्यक्ति के घर में सकारात्मक ऊर्जा की कमी हो जाती है और पूजा का पूर्ण फल भी नहीं मिलता है। इसी तरह पूजा करते समय दीपक की लौ किस दिशा में होना चाहिए। यह जानना बेहद जरूरी है। क्योंकि गलत दिशा में लौ होने पर धन हानि के साथ घर की सुख-शांति चली जाती है। जानिए किस दिशा में दीपक की लौ होना है सही और किस दिशा में नहीं।
दक्षिण दिशा
वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा में दीपक की लौ नहीं होना चाहिए। मान्यता है कि इस दिशा में दीपक की लौ होने से धन हानि का सामना करना पड़ता है। क्योंकि इस दिशा को यमराज की दिशा माना जाता है। इसलिए भूलकर भी इस दिशा की ओर दीपक की लौ नहीं रखनी चाहिए।
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