जानिए,शनि की दुष्परिणाम से बचने के उपाय
सभी ग्रहों के पास अपनी एक ही दृष्टि होती है और उसे सातवीं दृष्टि कहा जाता है. लेकिन बृहस्पति, मंगल और शनि के पास अन्य दृष्टियां भी होती हैं. इन सभी ग्रहों में सबसे ज्यादा ताक़तवर और क्रूर दृष्टि शनि की मानी जाती है. इसके पास सातवीं दृस्टि के अलावा तीसरी और दसवीं दृष्टि भी होती है, जो की बेहद खतरनाक होती है. ये दृष्टि जिस ग्रह, भाव या व्यक्ति पर पड़ती है, तो उसका नाश भी कर सकती है. शनि की दृष्टि अलग-अलग ग्रहों पर पड़कर अलग-अलग दुष्परिणाम पैदा कर सकती है।
अगर शनि की दृष्टि का प्रभाव अशुभ हो तो क्या उपाय करें-
– हर शनिवार के दिन लाल वस्त्र धारण करके हनुमान जी के समक्ष खड़े हों और हनुमान चालीसा का पाठ करें.
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