जानें कछुए अंगूठी पहने के फायदे और विधि ….
आजकल आपने कई लोगों के हाथ में कछुए के आकार की अंगूठी देखी होगी। इसका सीधा संबंध वास्तु शास्त्र से है। दरअसल वास्तु शास्त्र में कछुए की अंगूठी के बहुत फायदे बताए गए हैं जो इस अंगूठी को धारण करने वाले के भाग्य के रास्ते खोल देते हैं।

कछुए की अंगूठी पहनने की विधि
कछुए की अंगूठी पहनने से पहले उसको कच्चे दूध में डूबा दें और फिर गंगाजल से साफ करके माता लक्ष्मी के सामने रख दें। इसके बाद माता लक्ष्मी की विधि पूर्वक पूजा-अर्चना करें और श्री महालक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करें। इसके बाद कछुए की अंगूठी धारण करें। ऐसा करने से माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।
कछुए की अंगूठी के फायदे
कछुआ धैर्य, शांति, निरंतरता और समृद्धि का भी प्रतीक माना गया है। वास्तु शास्त्र में कछुए की अंगूठी को पहनना शुभ बताया गया है। इसको पहनने से कई जीवन के कई दोष खत्म होते हैं और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होती है। जब आप इस अंगूठी को पहनेंगे तब शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। साथ ही इसको पहनने से उन्नति के मार्ग भी खुलते हैं।
माता लक्ष्मी से है संबंध
शास्त्रों के अनुसार कछुए को भगवान विष्णु का कच्छप अवतार का स्वरूप माना जाता है समुद्र मंथन के अनुसार भगवान विष्णु ने यह अवतार लिया था और इस मंथन से ही देवी लक्ष्मी समुद्र से बाहर आई थीं। कछुए जल में रहने वाला जीव है और इसका सीधा संबंध माता लक्ष्मी से हैं क्योंकि माता की उत्पत्ति भी जल से ही हुई थी। मान्यता है कि इसको पहनने से जीवन में कई सुखद बदलाव आते हैं।
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