भाग्य चमकाने के लिए जलाए आटे के दीपक
सनातन धर्म में पूजा पाठ के दौरान दीपक जलाने का विशेष महत्व बताया जाता है। किसी भी देवी-देवता की पूजा के लिए उनके सम्मुख दीपक जलाना शुभ माना जाता है। आमतौर पर लोग घरों में पीतल, तांबे या फिर मिट्टी के दीपक का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार आपने लोगों को आटे का दीपक जलाते भी देखा होगा। तो क्या आप जानते हैं आटे का दीपक क्यों जलाया जाता है?आटे का दीपक जलाना किसी चमत्कार से कम नहीं हैं। दरअसल आटे का दीपक किसी विशेष कामना के लिए जलाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र में बताया है कि जीवन की बड़ी से बड़ी परेशानी भी आटे का दीया दूर करने में सक्षम है।
आटे के दीपक को लेकर मान्यता है कि ये विशेष दिनों में और विशेष परिस्थितियों में जलाए जाते हैं। किसी भी मनोकामना की पूर्ति के लिए आटा का दीपक घटते या फिर बढ़ते क्रम में जलाए जाते हैं. जैसे- 11 दिन, 21 दिन और 31 दिन। तो आईए आज आपको बताते हैं आटे के दीपक से जुड़े कुछ प्रयोग जिससे आप अपनी मनोकामना पूरी कर सकते हैं।
ज्योतिष शास्त्र में आटे के दीपक के क्रम इस तरह बताए गए हैं। एक दीपक से शुरुआत कर उसे 11 तक ले जाया जाता है। जैसे संकल्प के पहले दिन 1 फिर दूसरे दिन 2 फिर तीसरे दिन 3 चौथे दिन 5 और फिर अगले दिन 7 और ऐसा 11 दिन करने से बाद। अगले दिन से फिर घटते क्रम में दीपक जलाए जाते हैं। जैसे 10, फिर 9 फिर 7 फिर 5 फिर 3 और फिर 1। अगर आप आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं, तो इस कंडीशन में आपको आटे का दीपक लगातार 11 दिन का संकल्प लेकर माता लक्ष्मी के सम्मुख रोजाना जलाना चाहिए। इस उपाय से आपकी घर में आ रही पैसों से जुड़ी समस्याएं दूर होती है।इसके अलावा आप आटे में हल्दी मिलाकर देसी घी का दीपक जलाने से भी आर्थिक स्थिति सुधरने लगती है।
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