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जब मंगल द्वितीय भाव में हो

जब मंगल द्वितीय भाव में हो

मंगल द्वितीय भाव में

मंगल की द्वितीय भाव में स्थिति सन्तान सुख के लिए नहीं होती।अगर शत्रु राशि अथवा नीच राशि में हो तो खुद की सेहत के लिए भी अच्छी नहीं होता। अतः सोच समझकर ही मूंगा धारण करें।

विभिन्न लग्नों की कुण्डलीयों में मूंगा धारण करने से जातक को क्या लाभ अथवा हानि देगा नीचे दिया गया है।

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1.मेष लग्न – इस कुण्डली में मंगल लग्नेश-अष्टमेश बनता है।द्वितीय भाव में इसकी स्थिति धन-सम्पत्ति में वृद्धि करती है,अतः मूंगा धारण करने से लाभ में वृद्धि करती है,मूंगा धारण करने से लाभ में वृद्धि होगी।

2.वृष लग्न – मंगल सप्तमेश और द्वादशेश बनकर द्वितीय भाव में मिथुन राशि में स्थित होगा। मूंगा धारण करने से धन हानि होगी,अतः मूंगा न पहनें। चोट अथवा शारीरिक कष्ट का भय रहेगा।

3.मिथुन लग्न – मंगल लाभेश-षष्ठेश होकर द्वितीय भाव में नीच राशि में स्थित होगा। मूंगा धारण करने से धन सम्पत्ति की हानि होगी,स्वास्थ्य हानि भी रहेगी,एक्सीडैन्ट का भय भी रहेगा।

4.कर्क लग्न – मंगल पंचमेश-दशमेश बनता है। अतः द्वितीय भाव में मित्र राशि सिंह में स्थित होने से मूंगा धारण करने पर सन्तान सुख भी रहेगा और कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रोमोशन का चान्स भी मिलेगा।

5. सिंह लग्न – मंगल चतुर्थेश-भाग्येश होकर द्वितीय भाव में कन्या राशि में स्थित होगा। मूंगा धारण करने से मकान-वाहन का सुख प्राप्त होगा तथा भाग्य में वृद्धि होगी।

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