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अध्यात्म ज्योतिष और वास्तु

कुतः सर्वमिदं जातं कस्मिश्च लयमेफ्यति। नियंता कश्च सर्वेषां वदस्व पुरूषोत्तम।। यह जगत किससे उत्पन्न हुआ है और किसमें जा कर…

admin5 मार्च 20166 मिनट

कुंडली में चार्टेड अकाउंटेंट बनने के ग्रह योग

भारतीय ज्योतिष के अंतर्गत होराशास्त्रों में जातक की आजीविका संबंधी कार्यक्षेत्रों और व्यवसायों का विचार भी किया गया है। प्राचीन…

admin5 मार्च 20162 मिनट

शनि और करियर

शनि को ब्रह्माण्ड का बैलेंस व्हील माना जाता है अर्थात् शनि सृष्टि के संतुलन चक्र का नियामक है। क्योंकि बैलेंस…

admin5 मार्च 20169 मिनट

गत्यात्मक दशा पद्धति

इसमें प्रत्येक ग्रह के प्रभाव को अलग-अलग 12 वर्षाें के लिए निर्धारित किया गया है। साथ ही ग्रहों की शक्ति…

admin5 मार्च 20169 मिनट

गंड अरिष्टादि

आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती, अश्विनी, भरणी, कृत्तिका ये छह नक्षत्र ‘मूल संज्ञक’ नक्षत्र कहलाते हैं। 27 नक्षत्र को तीन भागों में…

admin5 मार्च 20163 मिनट

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