Home Articles Astrology
Astrology

ॐ का उच्चारण करते समय बरतें ये सावधानियां

ॐ का उच्चारण करते समय बरतें ये सावधानियां

‘ॐ’ तीन अक्षरों से मिलकर बना है – अ , ऊ और म. यह ईश्वर के तीन स्वरूपों ब्रह्मा, विष्णु और महेश का संयुक्त स्वरूप है. इसी शब्द में सृजन, पालन और संहार, तीनों शामिल हैं. इसलिए इस शब्द को स्वयं ईश्वर ही माना जाता है.

अगर इस शब्द का सही प्रयोग किया जाय तो जीवन की हर समस्या को दूर किया जा सकता है. इस शब्द का सही उच्चारण करने से ईश्वर की उपलब्धि तक की जा सकती है.

“ॐ” शब्द का उच्चारण किस प्रकार करें और क्या सावधानियां रखें?

– ॐ शब्द का उच्चारण करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त या साध्य काल का चुनाव करें.

ALSO READ  🔱🚨 बड़ी खबर: श्री महाकाल धाम अमलेश्वर में पूजा-अनुष्ठान हुए शुरू! अब घर बैठे बुक करें वैदिक पूजा — संकल्प से लेकर अनुष्ठान तक पूरी व्यवस्था एक ही मंच पर

– उच्चारण करने के पूर्व इसकी तकनीक सीख लें अन्यथा पूर्ण लाभ नहीं हो पाएगा.

– उच्चारण करते समय अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें.

– जब आप ॐ का उच्चारण पूर्ण कर लें, तो अगले 10 मिनट तक जल का स्पर्श न करें.

– नियमित रूप से उच्चारण करते रहने से दैवीयता का अनुभव होने लगेगा.

“ॐ” शब्द का सटीक और सरल प्रयोग कैसे करें?

उत्तम स्वास्थ्य के लिए-

– तुलसी का एक बड़ा पत्ता ले लें.

आप इस लेख का आधा भाग पढ़ चुके हैं

आगे पढ़ने के लिए लॉगिन करें। खाता बनाना पूरी तरह निःशुल्क है – Google या मोबाइल OTP से, एक मिनट में।

लॉगिन करें और आगे पढ़ें नया यूज़र? निःशुल्क खाता बनाएँ

क्या आपके जीवन में कोई प्रश्न है?

अनुभवी ज्योतिषियों से कुंडली, विवाह, करियर और वास्तु पर व्यक्तिगत परामर्श लें।

अभी परामर्श लें