
भारतीय समाज में विवाह केवल सामाजिक बंधन नहीं बल्कि कर्म, संस्कार और पूर्व जन्मों से जुड़ा एक पवित्र संबंध माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विवाह चाहे प्रेम विवाह हो या पारंपरिक, उसका संबंध व्यक्ति की जन्म कुंडली, ग्रहों की स्थिति और गोचर से गहराई से जुड़ा होता है।
विशेष रूप से प्रेम विवाह के लिए शुक्र, राहु, चंद्रमा और पंचम भाव की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
वर्ष 2026 को ज्योतिषाचार्य प्रेम विवाह के लिए अत्यंत विशेष और निर्णायक वर्ष मान रहे हैं। इसका कारण है—इस वर्ष बनने वाले दुर्लभ ग्रह योग, शुक्र-गुरु की अनुकूल स्थिति, और राहु-केतु के परिवर्तन।
प्रेम विवाह के ज्योतिषीय संकेत क्या होते हैं?
प्रेम विवाह का योग केवल इच्छा से नहीं बनता, बल्कि इसके पीछे कई ज्योतिषीय कारण होते हैं:
- पंचम भाव (प्रेम भाव) और सप्तम भाव (विवाह भाव) का संबंध
- पंचमेश और सप्तमेश का युति या दृष्टि संबंध
- शुक्र और चंद्रमा का बलवान होना
- राहु का पंचम, सप्तम या शुक्र से संबंध
- नवमांश कुंडली (D-9) में प्रेम संकेत
जब ये योग गोचर में सक्रिय होते हैं, तब प्रेम विवाह के रास्ते खुलते हैं।
2026 में प्रेम विवाह को लेकर ग्रहों की विशेष भूमिका
1. गुरु ग्रह का अत्यंत शुभ गोचर
2026 में बृहस्पति (गुरु) का गोचर प्रेम और विवाह दोनों के लिए अत्यंत अनुकूल रहेगा।
- गुरु का पंचम और सप्तम भाव पर शुभ प्रभाव
- अविवाहित जातकों के लिए विवाह योग सक्रिय
- प्रेम संबंधों को सामाजिक स्वीकृति मिलने के योग
गुरु को विवाह का कारक ग्रह माना जाता है। जब गुरु मजबूत होता है, तब परिवार की सहमति, स्थायित्व और सुखद वैवाहिक जीवन के संकेत मिलते हैं।
2. शुक्र ग्रह की स्थिति: प्रेम विवाह का मुख्य कारण
शुक्र ग्रह प्रेम, आकर्षण, रोमांस और दांपत्य सुख का कारक है।
2026 में:
- शुक्र का कई बार स्वग्रही और उच्च स्थिति में आना
- शुक्र-चंद्र युति से प्रेम भावनाओं में प्रबलता
- लंबे समय से चले आ रहे प्रेम संबंध विवाह में बदलने के योग
विशेष रूप से वे जातक जिनकी कुंडली में शुक्र कमजोर था, उन्हें 2026 में विशेष लाभ मिलेगा।
3. राहु-केतु का परिवर्तन: सामाजिक बंधनों से मुक्ति
प्रेम विवाह में सबसे बड़ी बाधा होती है—समाज और परिवार की सोच।
2026 में राहु-केतु का गोचर:
- जातकों को साहसी निर्णय लेने की शक्ति देगा
- अंतरजातीय, अंतरधार्मिक और लव-कम-अरेंज विवाह के योग
- गुप्त प्रेम संबंधों का सार्वजनिक रूप से स्वीकार होना
राहु अचानक परिवर्तन का ग्रह है और 2026 में यह प्रेम विवाह के पक्ष में कार्य करेगा।
2026 में बनने वाले प्रमुख प्रेम विवाह योग
गुरु-शुक्र राजयोग
यह योग प्रेम संबंधों को विवाह तक ले जाने में सहायक होता है।
पंचम-सप्तम भाव योग
प्रेम और विवाह भाव का आपसी संबंध 2026 में कई राशियों के लिए सक्रिय होगा।
राहु-शुक्र योग
असामान्य लेकिन सफल प्रेम विवाह का संकेत देता है।
कौन-सी राशियों के लिए 2026 प्रेम विवाह में लाएगा सफलता?
मेष राशि
पुराना प्रेम संबंध विवाह में बदल सकता है। परिवार की सहमति मिलने के योग।
मिथुन राशि
दोस्ती से प्रेम और प्रेम से विवाह का सुंदर संयोग।
सिंह राशि
करियर के साथ-साथ प्रेम जीवन में स्थायित्व।
तुला राशि
शुक्र की विशेष कृपा से प्रेम विवाह के प्रबल योग।
कुंभ राशि
राहु प्रभाव से अलग सोच और साहसी निर्णय।

2026 में प्रेम विवाह में आने वाली बाधाएँ और समाधान
हालाँकि 2026 अनुकूल है, फिर भी कुछ कुंडलियों में:
- शनि की दृष्टि
- मंगल दोष
- पारिवारिक विरोध
जैसी बाधाएँ आ सकती हैं।
सरल ज्योतिषीय उपाय
- शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा
- शुक्र बीज मंत्र का जाप
- गुरुवार को पीले वस्त्र धारण
- प्रेमी युगल का संयुक्त व्रत (संकल्प)
क्या 2026 लव-कम-अरेंज विवाह के लिए भी शुभ है?
हाँ, 2026 केवल प्रेम विवाह ही नहीं बल्कि लव-कम-अरेंज विवाह के लिए भी श्रेष्ठ वर्ष है।
- परिवार की सहमति के योग
- प्रेम को सामाजिक मान्यता
- विवाह के बाद सुखद दांपत्य जीवन
नवमांश कुंडली और 2026 का प्रभाव
नवमांश कुंडली में शुक्र और सप्तम भाव यदि मजबूत हो, तो 2026 में विवाह निश्चित माना जा सकता है।
विशेषकर जिनकी कुंडली में विवाह में देरी थी, उन्हें इस वर्ष राहत मिलेगी।
प्रेम विवाह के लिए 2026 में शुभ समय (संक्षेप में)
- अप्रैल से जुलाई 2026
- सितंबर से नवंबर 2026
इन अवधियों में प्रेम विवाह के प्रस्ताव सफल होने की संभावना अधिक है।
क्यों 2026 है प्रेम विवाह का स्वर्णिम वर्ष
ज्योतिषीय दृष्टि से 2026 इसलिए खास है क्योंकि:
- गुरु और शुक्र दोनों मजबूत
- राहु सामाजिक बंधनों को तोड़ने में सहायक
- पंचम और सप्तम भाव सक्रिय
- पुराने प्रेम संबंध विवाह में बदलने के प्रबल योग
यदि आप लंबे समय से प्रेम विवाह की इच्छा रखते हैं, तो 2026 आपके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।





