Know Today • Plan Tomorrow • Live Better
Home Articles Health Astrology
Health Astrology

नींद की समस्या से है परेशान तो करें ये उपाय…

नींद की समस्या से है परेशान तो करें ये उपाय…

नींद की समस्या से है परेशान तो करें ये उपाय…

कुछ लोग अपनी खराब जीवनशैली के कारण बहुत कम सोते हैं, तो कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जो रातभर भरपूर सोने के बाद भी दिन में सोना चाहते हैं. दरअसल, यह समस्या हाइपरसोम्निया कहलाती है. आइए जानते हैं इस स्लीप डिसऑर्डर के बारे में यहां.Causes of ये तो हम सभी जानते हैं कि शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए प्रत्येक दिन कम से कम सात से आठ घंटे की नींद लेनी जरूरी है. यदि आप हर दिन 6 घंटे से भी कम सोते हैं या फिर 8 घंटे से भी बहुत ज्यादा सोते हैं, तो ये दोनों ही स्थितियां आपकी सेहत के लिए ठीक नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।

कुछ लोग बहुत कम सोते हैं. इसकी वजह होती है देर तक जागकर मोबाइल या टीवी देखना, ऑफिस का काम निपटाना या फिर कोई शारीरिक समस्या के कारण जल्दी नींद नहीं आती है. लेकिन, कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिन्हें सारा दिन नींद ही आती रहती है या नींद आने जैसा महसूस होता रहता है. अत्यधिक नींद आना भी सेहत के लिए सही नहीं है. यदि आप 7-8 घंटे नींद ले रहे है बावजूद इसके आपको नींद आती है, तो ऐसा होना के कारणों को आपको जरूर जान लेना चाहिए. यह कोई गंभीर शारीरिक समस्या भी हो सकती है.क्या होती है अधिक नींद आनाबार-बार नींद आती है या सोने का मन करता रहता है, तो इस समस्या को हाइपरसोम्निया  कहा जाता है. 7-8 घंटे पर्याप्त नींद लेने के बाद भी जब आपको नींद आती रहती है, तो यह एक प्रकार का स्लीप डिसऑर्डर है।

ALSO READ  Ganesh Chaturthi 2026: गणपति स्थापना, पूजा विधि और जीवन पर प्रभाव

क्या है हाइपरसोम्निया
हेल्थलाइन डॉट कॉम में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, हाइपरसोम्निया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें आपको दिन के समय अत्यधिक नींद महसूस होती है. यह रात में देर तक पर्याप्त सोने के बाद भी हो सकता है. हाइपरसोम्निया को ‘दिन में अत्यधिक नींद आना कहलाता है. हाइपरसोम्निया एक प्राइमरी या सेकेंडरी स्थिति हो सकती है. सेकेंडरी हाइपरसोम्निया किसी मेडिकल कंडीशन का परिणाम हो सकती है. जिन लोगों को हाइपरसोम्निया यानी अत्यधिक नींद आने की समस्या होती है, उन्हें दिन में किसी भी काम को करने में परेशानी हो सकती है, क्योंकि वे अक्सर थके हुए होते हैं, जो एकाग्रता और ऊर्जा के स्तर को प्रभावित कर सकता है।

 हाइपरसोम्निया के कारण
प्राथमिक या प्राइमरी हाइपरसोम्निया कई बार मस्तिष्क प्रणालियों में समस्याओं के कारण होता है, जो नींद और जागने के कार्यों को नियंत्रित करते हैं. वहीं, सेकेंडरी हाइपरसोम्निया उन स्थितियों का परिणाम होती है, जो थकान या अपर्याप्त नींद का कारण बनती हैं. उदाहरण के लिए, स्लीप एप्निया हाइपरसोम्निया का कारण बन सकता है, क्योंकि स्लीप एप्निया में रात में सांस लेने में परेशानी होती है, जिससे लोगों को कई बार रात में नींद नहीं आ पाती है. कुछ दवाओं के सेवन से भी हाइपरसोम्निया का कारण बन सकती हैं. बार-बार नशीली दवाओं और शराब के सेवन से दिन में नींद आ सकती है. अन्य संभावित कारण थायरॉएड फंक्शन का कम होना या फिर सिर में कोई चोट लगना हो सकता है।

You have read half of this article

Log in to keep reading. Creating an account is completely free – with Google or mobile OTP, in a minute.

Log in & read more New here? Create a free account

Have a question about your life?

Get personal guidance on kundli, marriage, career and Vastu from experienced astrologers.

Consult Now