Know Today Plan Tomorrow Live Better
Home Articles Astrology
Astrology

क्या आपके जीवन में है प्रेम का अभाव? जाने ज्योतिषीय उपाय

क्या आपके जीवन में है प्रेम का अभाव? जाने ज्योतिषीय उपाय

 

आप भी लगाना चाहते हैं प्रेम के समंदर में गोते?

“प्यार” शब्द ऐसा शब्द है जिसका नाम सुनकर ही हमें अच्छा महसूस होने लगता है,प्यार शब्द में वो एहसास है जिसे हम कभी नहीं खोना चाहते।इस शब्द में ऐसी पॉजिटिव एनर्जी है जो हमें मानसिक और आंतरिक खुशी प्रदान करती है।

प्यार या प्रेम एक एहसास है। जो दिमाग से नहीं दिल से होता है प्यार अनेक भावनाओं जिनमें अलग अलग विचारो का समावेश होता है। प्रेम स्नेह से लेकर खुशी की ओर धीरे धीरे अग्रसर करता है।

ये एक मज़बूत आकर्षण और निजी जुड़ाव की भावना जो सब भूलकर उसके साथ जाने को प्रेरित करती है। ये किसी की दया, भावना और स्नेह प्रस्तुत करने का तरीका भी माना जा सकता है।

ALSO READ  AstroShrine ऐप अब Google Play Store पर उपलब्ध – अब अपने फ़ोन से जुड़िए प्रमाणित वैदिक ज्योतिषियों से

जन्म कुंडली में ग्रहों के कुछ ऐसे योग होते हैं, जिसे प्रेम विवाह या प्रेम होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं…

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार प्यार को परवान चढ़ाने में शुक्र ग्रह का प्रमुख योगदान होता है।इसके अलावा कुंडली में शुक्र, चंद्रमा और मंगल ग्रह भी प्रेम का योग बनाते हैं।

अगर शुक्र ग्रह प्रेम के पंचम भाव से युति करे तो इंसान को सच्चा प्यार मिलता है। इसके अलावे अगर शुक्र की दृष्टि पंचम भाव पर पड़ती है तो प्रेम संबंधों का योग बनता है। ज्योतिष विज्ञान में शुक्र ग्रह को प्रेम, रोमांस और काम-वासना का कारक माना जाता है। अगर कुंडली में ये ग्रह मजबूत स्थिति में है तो व्यक्ति का प्रेम जीवन खुशहाल बना रहेगा। परंतु इसके विपरीत अगर कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर है तो उसके प्रेम जीवन में समस्याएं आएंगी

You have read half of this article

Log in to keep reading. Creating an account is completely free – with Google or mobile OTP, in a minute.

Log in & read more New here? Create a free account

Have a question about your life?

Get personal guidance on kundli, marriage, career and Vastu from experienced astrologers.

Consult Now