मिथुन लग्न
मिथुन लग्न की कुण्डली में शनि अष्टम भाव व नवम भाव का स्वामी होता है। इस लग्न में शनि की मूल त्रिकोण राशि नवम में होने से ज्यादा फल भाग्य स्थान का ही देगा। क्योकि अष्टम भाव की बुराई की अपेक्षा नवम भाव की अच्छाई व शुभता ज्यादा ठीक होती है तथा शनि लग्नेश बुध का भी मित्र है। इसलिए इसकी दशा या अंत्तरदशा में नीलम को पहना जा सकता है
अगर शनि आपकी कुण्डली में लग्न में द्वितीय, तृतीय, पंचम, नवम, व दशम, स्थान मे बैठा हो तो आपको नीलम पहनने से बहुत ज्यादा लाभ होगा। अगर, चैथे, छठे, सप्तम, एकादश, अष्टम, व द्वादश में बैठा हो तो इसके पहनने से आपको भाग्य धन, मान-सम्मान की हानि होगी। नीलम को पन्ने के साथ पहनने से ज्यादा लाभ होगा
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