समुद्रशास्त्र के अनुसार किसी भी व्यक्ति की हथेली देखकर उसके बीते समय, वर्तमान स्थिति और आने वाले कल का पता लगाया जा सकता है। हमारे हाथ में बहुत सी रेखाएं होती हैं जिसका संबंध हमारे जीवन से होता है। हर एक रेखा कुछ न कुछ कहती है। यहां आप जानेंगे हाथ में मौजूद जीवन रेखा के बारे में, जो कि काफी महत्वपूर्ण रेखा है। इसे पितृ रेखा और गोत्र रेखा भी कहा जाता है।गुरु पर्वत यानी तर्जनी उंगली के निचले भाग से जो रेखा निकलकर शुक्र पर्वत यानी अंगूठे के निचले क्षेत्र को घेरे हुए मणिबंध तक पहुंचती है। वह रेखा जीवन रेखा कहलाती है। जानिए इस रेखा से जुड़ी दिलचस्प जानकारी…
– अगर जीवन रेखा छोटी हो तो यह व्यक्ति की कम उम्र का संकेत देती है और अगर ये रेखा लंबी है तो व्यक्ति की दीर्घायु का इशारा करती है। इस रेखा का टूटा हुआ होना अशुभ माना जाता है। लेकिन इस रेखा के साथ अगर कोई अन्य रेखा समानांतर रूप से चल रही हो तो इसका अशुभ प्रभाव खत्म हो सकता है।
– यदि जीवन रेखा सुंदर और साफ होकर शुक्र क्षेत्र को घेरती हुई मणिबंध के पास पहुंचकर खत्म हो जाती है तो ऐसा इंसान का जीवन स्वस्थ, दीर्घायु और ऐश्वर्य युक्त व्यतीत होगा।
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