Astrologyव्रत एवं त्योहार

दशहरे को है शुभ मुहूर्त, कर सकते हैं मनचाही खरीदारी और मांगलिक कार्य

311views

Dussehra 2020: शारदीय नवरात्र पर्व की शुरुआत शनिवार 17 अक्टूबर से सर्वार्थसिद्धि योग में हुई और नवरात्र 25 अक्टूबर तक रहेंगे। शारदीय नवरात्रि की धूम पूरे देश में है। माता की भक्ति में लीन भक्तों को अब अष्टमी, नवमी और दशहरा का इंतजार है। इस साल अष्टमी और नवमी तिथि एक साथ पड़ने के कारण लोगों के बीच अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर असमंजस है। इस दिन यानी रविवार को सुबह नवमी और दोपहर से दशमी तिथि शुरू हो जाएगी। इस कारण देश में कई जगहों पर इसी दिन दशहरा मनाया जाएगा। अश्विन महीने के शुक्लपक्ष की दशमी तिथि पर विजय मुहूर्त में विजयदशमी पर्व मनाया जाता है। शुभ मुहूर्त और तिथि का से संयोग 25 अक्टूबर को ही बन रहा है।

ALSO READ  श्री महाकाल धाम में महाशिवरात्रि के दुर्लभ महायोग में होगा महारुद्राभिषेक

दशहरे को अबूझ मुहूर्त माना गया है। यानी इस दिन प्रॉपर्टी, व्हीकल और हर तरह की खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा। दशहरे पर देश भर में रावण के पूतले जलाएं जाएंगे। हालांकि इस बार कोरोना महामारी को देखते हुए आयोजन फीका रह सकता है। दशहरे के अगले दिन यानी 26 अक्टूबर को मां दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन होगा। उस दिन सुबह 06:29 बजे से सुबह 08:43 बजे के मध्य दुर्गा विसर्जन कर देना चाहिए।

अष्टमी 24 और नवमी व दशहरा 25 को:

नवरात्र की अष्टमी, नवमी और दशमी तिथि को लेकर मतभेद पर पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर के निदेशक विश्वविख्यात भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि इस बार अष्टमी तिथि शनिवार को पूरे दिन रहने से 24 अक्टूबर को महाष्टमी मनाई जाएगी। इस दिन देवी महागौरी की पूजा की जाती है। इसके अगले दिन यानी 25 अक्टूबर का सूर्योदय नवमी तिथि में ही होगा और सुबह करीब 11:14 तक ये तिथि रहेगी। इस तरह शारदीय नवरात्रि में कन्या पूजन या कुमारी पूजा, महाष्टमी और महानवमी दोनों ही तिथियों को किया जाएगा। इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी।