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सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश, इस समय सूर्यदेव अपने प्रचंड स्वरूप में हैं,अचानक तापमान बढ़ गया

सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश, इस समय सूर्यदेव अपने प्रचंड स्वरूप में हैं,अचानक तापमान बढ़ गया

इस समय सूर्यदेव अपने प्रचंड स्वरूप में हैं, जिसके कारण अचानक तापमान बढ़ गया है और लोगों में गर्मी के कारण बेचैनी बढ़ गई है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 25 मई की रात्रि 12.52 बजे से सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं। इसकी वजह से आने वाले 13 दिनों तक गर्मी के बढ़ने के आसार हैं। इस समय में लोगों को धूप से बचने की जरूरत है, अन्यथा स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इस प्रचंड गर्मी के बाद अच्छी बारिश होने की संभावना कम ही बन रही है। इसे देखते हुए ऐसा लग रहा है कि इस वर्ष फसलों के पैदावार पर भी इसका दुष्प्रभाव देखने को मिल सकता है। उत्पादन की स्थिति इस बार बहुत अच्छी नहीं रहेगी।

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इस वर्ष का राजा शनि है। प्रसिद्ध कहावत है कि ” जो नृप शनि तो मेघ नहिं” अर्थात् जिस वर्ष का राजा शनि होता है, उस वर्ष में बादल वर्षा नहीं करते। हालांकि धान्य का अधिपति चन्द्र के होने से हल्दी और चना की पैदावार अच्छी होने की उम्मीद है।

ग्रह गोचर की इस स्थिति को नौ तपा कहा जाता है। यानी रोहिणी नक्षत्र में सूर्यदेव पूरी तल्खी दिखाते हैं। इन नौ दिन सूर्य धरती के सबसे निकट रहेंगे। इस कारण धरती खूब तपेगी। इसका आगाज शनिवार को हो गया। पहले दिन ही दिन और रात के तापमान में 3-3 का इजाफा हुआ है। अधिकतम तापमान 40.5 और न्यूनतम तापमान 26.5 डिसे रिकार्ड किया गया। आर्द्रता 58 प्रतिशत पहुंच गई है। शनिवार रात 8 बजकर 20 मिनट पर सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश कर गए। इसके साथ नौ तपा प्रारंभ हो गया। इस दौरान सूर्य, मंगल, बुध का शनि से सम सप्तक योग होने से धरती के तापमान में बढ़ोतरी होगी। नौ तपा 2 जून तक रहेगा, लेकिन इसका असर 15 दिन तक रहता है। 2 जून को नौ तपा खत्म होने के ठीक 20 दिन बाद सूर्य आर्द्र नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ग्रह-नक्षत्रों की ऐसी स्थितियां सालभर में करीब 52 दिन बारिश होगी। रोहिणी नक्षत्र में चंद्रमा भी नौ नक्षत्रों में भ्रमण करते हैं। यही कारण है कि इस संपूर्ण काल के नौ दिन नौ-तपा के कहलाते हैं। मौसमी गणना में इसे ऋतु तपन काल कहा जाता है। इस वर्ष सूर्य के गर्म ग्रह गुरु से दृष्टि गोचर होने की वजह से रोहिणी के गलने की संभावना बेहद कम है।

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