ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर किसी जातक के उपर मंगल और केतु ग्रह का असर हो जाये तो उसकी वाणी में दोष पैदा हो जाता है, और ऐसा व्यक्ति बहुत झूठ बोलने लगता है और बेवजह दूसरों को लड़ाने का शौकिन होता है, उसकी वाणी से घमंड झलकता है, उसके जीवन में उतार – चढ़ाव सदैव बना रहता है, गृहस्थ सुख नहीं मिल पाता, ऐसे लोगों को जीवन में एक बार गंभीर दुर्घटना का शिकार होना पड़ता है, अच्छी संतान और भाई बहनों का सुख नहीं मिल पाता, समय के साथ अगर ऐसे लोग व्यवहार में परिवर्तन नहीं करते तो इनकी आवाज ऊँची और कर्कश हो जाती है, अपने आप को बचाने के लिए हमेशा यह बोलते है की मैं तो साफ़ साफ़ बात करता या करती हूँ । लेकिन शायद ये लोग यह नहीं जानते की साफ़ और सही सही बात करने में काफी अंतर होता हैं ।
मंगल और केतु के उपाय
- किसी प्राचीन शिवालय में सोमवार के दिन सुबह सबह रुद्राभिषेक करें ।
- निंदा करने और झूठ बोलने से बचना चाहिए ।
- गले में चाँदी कि ठोस गोली सफेद धागे या चाँदी कि चेन में पहनना चाहिए ।
- हनुमानजी के मंदिर में सफाई सेवा के साथ 7 बार हनुमान चालिसा या एक बार सुंदरकाण्ड का पाठ करें ।
- अपने सदगुरु और गाय माता की सेवा करें या मन ही मन करने से ग्रह मंगल के दुष्प्रभावों को कम करता है ।
- गरिष्ठ भोजन से बचे, बहुत मसालेदार और मांसाहार से बचें ।
अगर किसी की वाणी में बुध ग्रह का हो जाये तो जातक के गले, मस्तिष्क एवं वाणी के रोग उत्पन्न होते है, ऐसे में व्यक्ति हकलता है, तुत्लाता है, बुध ऐसी स्तिथि कर देता है कि आप कुछ बोलना भी चाहे तो आपके दिमाग में वह शब्द नही आएंगे ही नहीं, व्यक्ति अभद्र भाषा का प्रयोग भी बुध ग्रह के ही कारण करता है, जल्दबाजी में झूठ और निंदा कर बैठते है, उनकाउच्चारण इतना खराब हो जाता है कि दूसरों को उनकी बात समझने में परेशानी होती है, वाणी दोष कि वजह से परिवार में अशांति रहती है ।
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