जानिए ? वास्तु के अनुसार कहाँ रखने चाहिए जूते-चप्पल
Vastu Position For Shoe rack : वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व होता है। घर में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहे इसके लिए वास्तु के नियमों का पालन जरूर होना चाहिए। जिन घरों में वास्तु के नियमों का पालन नहीं किया जाता है वहां पर हमेशा मानसिक तनाव, आर्थिक परेशानियां और नकारात्मकता बनी रहती है। वास्तु के अनुसार अगर घर पर रखी चीजें सही दिशा में होती है तो हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता रहता है। वास्तु शास्त्र में घर में हर एक सामान को रखने की सही दिशा के बारे में विस्तार से बताया गया है। वास्तु में जूते-चप्पलों को रखने के लिए कुछ नियम होते हैं जिसका पालने करने पर घर में हमेशा सुख-समृद्धि और संपन्नता आती है। आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार घर पर जूते-चप्पलों कहां और किस तरह से रखना सही माना गया है।
जानें वास्तु के अनुसार कहाँ रखें जूते-चप्पल
वास्तु शास्त्र में हर एक चीज के रखने की दिशा के बारे में विस्तार से बताया गया है। घर पर जूते-चप्पल के लिए शू-रैक बना होता है या फिर किसी स्थान का चुनाव करके वहां पर हमेशा जूते-चप्पलों को रखा जाता है। वास्तु शास्त्र के अुनसार घर पर जूते-चप्पल रखने के लिए दक्षिण या पश्चिम दिशा का चुनाव करें। इस दिशा में जूते-चप्पल रखना शुभ और वास्तु सम्मत माना जाता है।
जानें वास्तु के अनुसार कहाँ नहीं रखना चाहिए जूते-चप्पल
वास्तु के अनुसार जिन घरों में जूते-चप्पल इधर-उधर फैले रहते हैं वहां पर घर के सदस्यों के बीच अक्सर लड़ाई-झगड़े और मनमुटाव होते हैं। वास्तु के अनुसार अगर घर पर जूते-चप्पल कहीं पर भी उतार देने की आदत होती है या फिर बिखरे हुए होते हैं तो व्यक्ति के जीवन में शनि का दुष्प्रभाव बढ़ता है। वास्तु शास्त्र में पूर्व और उत्तर दिशा को बहुत ही शुभ दिशा माना जाता है। इस दिशा में भगवान का वास होता है। ऐसे में भूलकर भी घर की इस दिशा में जूते-चप्पल नहीं रखना चाहिए। इस दिशा में जूते-चप्पल रखने पर व्यक्ति के जीवन में आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। वास्तु के अनुसार पूर्व और उत्तर दिशा से सबसे ज्यादा सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इस कारण से दिशा में जूते-चप्पल नहीं रखना चाहिए।
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