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अच्छी और बुरी आदते ग्रहों का हमारे प्रति रवैया बदल देती हैं

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ज्योतिष के अनुसार ग्रहों का व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण स्थान होता है। भविष्य को जानने के लिए ग्रहों की स्थिति और दशाओं पर विचार किया जाता है। नवग्रहों का अपना-अपना स्वभाव और अपनी प्रकृति होती है। ये हर किसी पर अपना शुभ-अशुभ प्रभाव रखते हैं। उसके अनुसार व्यक्ति अपना जीवन व्यतित करता है। क्या आप जानते हैं हमारी अच्छी और बुरी आदते ग्रहों का हमारे प्रति रवैया बदल देती हैं। आइए जानें किस आदत से ग्रह होते हैं खुश और नाराज। साथ ही जानें उन्हें अपना दिवाना बनाने के उपाय-

बैठे बैठे पैर हिलाना
कुछ लोगों को बैठे-बैठे पैर हिलाने की आदत होती है या जैसे ही व्यक्ति बैठता है उसके पैर हिलने लगते हैं। ऐसे में अनायास ही हम कह उठते हैं कि पैर हिलाना बंद करो। इस विषय में ज्योतिष शास्त्र कहता है कि जो व्यक्ति ऐसा करता है उस व्यक्ति की कुंडली में बुध और शनि दोनों ही अशुभ रूप में स्थित होते हैं। इसी समस्या के समाधान के रूप में शनि का उपाय करना लाभकारी रहते हैं।

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शरीर खुजलाने की आदत
कुछ लोग सामान्य से अधिक शरीर में खुजली करते रहते हैं। कभी बालों में कभी शरीर में खुजली करते रहते हैं। इस स्थिति में समझना चाहिए कि जातक का केतु अशुभ प्रभाव में हैं और व्यक्ति को केतु के उपाय करने से लाभ होगा। उपाय न करने की स्थिति में केतु की अशुभता बढ़ती जाती है।

व्यर्थ की बातों को समय देना
कुछ लोगों की यह आदत होती है कि वे बेवजह दूसरों की बातों में अपनी राय देने लगते हैं। ऐसे में लोग अपने लिए और दूसरों के लिए परेशानियां खड़ी करते हैं। सामाजिक स्तर पर इस वजह से उन्हें अपमानित भी होना पड़ता हैं। दूसरों के लिए परेशानी खड़ी करने की उनकी मंशा नहीं होती परंतु आदतन वह ऐसा करते हैं।  ऐसे लोगों की कुंडली का अध्ययन करने पर यह देखा गया है कि ऐसे व्यक्ति का गुरु अशुभ ग्रहों के प्रभाव में होता है।

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पाचन और गैस की समस्या
यह देखने में आता है कि कुछ लोगों को कोई न कोई पेट से जुड़ी परेशानी लगी ही रहती है। भोजन का न पचना, गैस, एसिडिटी और लीवर से संबंधित कष्ट सिर उठाते ही रहते हैं। जो भी व्यक्ति इस तरह की दिक्कतों का सामना कर रहा है उस व्यक्ति को अपनी कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति अवश्य दिखा लेनी चाहिए। इन समस्याओं का इलाज किसी चिकित्सक से कराने के साथ-साथ गुरु ग्रह के उपाय भी करने चाहिए। ज्योतिषीय उपाय करने से गुरु ग्रह को बल प्राप्त होता है।

जल्दी भूख लगना
कुछ व्यक्तियों को बार-बार भूख लगती है। अभी थोड़ी देर पहले ही कुछ खाएंगे और फिर कहेंगे कि कुछ खाना है। ऐसे जातकों की कुंडलियों का अध्ययन यह कहता है कि उस का शनि एवं बुध दोनों खराब हैं। शनि की दृष्टि बुध पर आने पर भी व्यक्ति को जल्द भूख लगती है।

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दांपत्य जीवन में सुख की कमी
पारिवारिक जीवन में किसी न किसी प्रकार की समस्या बार-बार आने और सुख-शांति की कमी आज के आधुनिक समय की प्रमुख समस्या बन गई है। ऐसे दंपत्तियों की कुंडली में गुरु और शुक्र दोनों पीड़ित होते हैं। इन दोनों ग्रहों के उपाय करने से स्थिति तनाव से बाहर आती है। गुरु ग्रह को प्रसन्न करने के लिए गुरु ग्रह से संबंधित उपाय उत्तम फल देते हैं।

कंधे झुका कर रहना या हर समय हिलते रहना
कंधे झुका कर रखने और व्यर्थ में हिलते-डुलते रहने वाले व्यक्ति स्वभाव से शंकालु होते हैं। जल्द प्रसन्न नहीं होते हैं। इस तरह के लोग एक स्थान पर टिक कर रहने वाले नहीं होते। इनकी स्मरण शक्ति भी कमजोर होती हैं। इन व्यक्तियों को बहुत पसीना भी आता है। ऐसी समस्याओं से घिरे व्यक्तियों का गुरु और बुध दोनों खराब होते हैं।