बार–बार हो रहे है असफल ? तो करें ये उपाय…
भगवान कृष्ण ने बचपन में ही अपने साथियों को ये शिक्षा दी कि अगर एक-दो बार कोशिश करने के बाद भी सफलता ना मिले तो क्या किया जाए। बालगोपाल कृष्ण ने अपने दोस्तों को समझाया कि यदि एक बार में किसी काम में निराशा हाथ लगे तो फिर कोशिश करो, लेकिन अपने टारगेट को बदल दो, तरीका बदल दो फिर कोशिश करो तो सफलता जरूर मिलेगी।
श्रीमद्भागवत में कहानी आती है, भगवान कृष्ण वृंदावन के जंगलों में अपने साथियों के साथ गाएं चरा रहे थे। गायों के साथ वे जंगल में बहुत दूर तक निकल गए। दोपहर होते-होते सबको जोरों से भूख लगी। भगवान कृष्ण ने अपने मित्र ग्वालों से कहा कि पास में ही एक यज्ञ का आयोजन हो रहा है। वहां जाकर ब्राह्मणों से भोजन मांग कर ले आएं।
ग्वाले कृष्ण का कहा मानते हुए उस यज्ञशाला में पहुंचे। वहां यज्ञ की तैयारियां चल रही थीं। भोजन भी पक रहा था। ग्वालों ने यज्ञ कर रहे ब्राह्मणों से भोजन मांगा, उन्हें बताया कि नंद के पुत्र कृष्ण ने भोजन मंगाया है। उस समय यज्ञ देवता को भोग नहीं लगा था, सो ब्राह्मणों ने ग्वालों को भोजन देने से मना कर दिया। ग्वाले कृष्ण के पास लौट आए। निराश होकर बैठ गए।
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