मकर राशि में शनि गोचर का प्रभाव…
शनि गोचर किसी भी भाव में सौभाग्य का आगमन नहीं करता है। द्वितीय भाव भी शनि गोचर के नकारात्मक प्रभावों से अछूता नहीं रहेगा। इस समयावधि में जातक का मन भटकता रहेगा। एक जगह स्थिर होने में जातक को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि जातक को निजी जीवन में कई तरह के उतार-चढ़ाव देखने पड़ेंगे। खासकर संबंधों में काफी उठापटक रहेगी। विशेषकर जीवनसाथी के साथ आपका समय अच्छा नहीं रहेगा। वैसे तो आपको कोशिश करनी चाहिए कि जीवनसाथी के साथ हो रहे मतभेद को नियंत्रण में रखें। इसके लिए आपको अपने शब्दों पर नियंत्रण रखना होगा। यदि आपको अपने जीवनसाथी द्वारा कही गई कोई बात पसंद न आए, तो ऐसी स्थिति में आपको चाहिए कि उनकी बात को नजरंदाज करें। जीवनसाथी के साथ किसी भी तरह की बहस का हिस्सा न बनें। ऐसा करके आप अपने बिखरे संबंध को संभालने में सफल हो सकेंगे। अगर आपने ऐसा नहीं किया, तो स्थिति ठीक इसके उलट हो सकती है। यही नहीं, आपके अपने भाई-बहनों के साथ भी रिश्ते बिगड़ सकते हैं। आप ऐसी किसी भी विपरीत स्थिति से सावधान रहें और अपने सभी प्रियजनों के साथ सौहार्दपूर्ण रिश्ते बनाने की कोशिश करें। ऐसा न किए जाने पर आपको बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। खासकर भावनात्मक रूप से आप खुद को अकेला महसूस कर सकते हैं।
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