सभी देवी-देवताओं में भगवान गणेश प्रथम पूजनीय माने जाते हैं। हिंदू धर्म के हर घर में भगवान गणेश की पूजा की जाती है। लेकिन घर पर गणपति पूजन के कुछ नियम होते हैं, जिनका पालन करना जरूरी होता है। तभी पूजा का शुभ फल प्राप्त होता है।
- भगवान गणेश की 2 से अधिक मूर्ति घर पर ना रखें
- खंडित मूर्ति में पूजा करना होता है अशुभ
- दाईं ओर सूंड वाले गणपति की मूर्ति घर पर न रखें
घर में गणेश जी की मूर्ति कितनी होनी चाहिए?
हमें अपने घर पर गणेश जी की तीन प्रतिमाएं या मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए, जो कि अशुभ माना गया है। ध्यान रखें कि घर में रखी जाने वाली गणेश जी की प्रतिमायें या तो 3 से कम हो या 3 से अधिक हों। यह भी ध्यान रखें कि हमें अपने पूजा घर में (या जहाँ भी हम मूर्तियाँ रख कर पूजा करते हों) गणेश जी की प्रतिमाएं आमने सामने नहीं रखनी चाहिए।
घर में हम भले ही अधिक गणेश जी की प्रतिमाएं रखें परंतु हमें उनकी साफ-सफाई और शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जिन देवों की हम पूजा करते हैं, उन्हें उचित श्रद्धा से घर में स्थान देना चाहिए। इसीलिए, भगवान गणेश जी की मूर्तियां या चित्र अपने ड्राइंग रूम में शोपीस के तौर पर सजावट के लिए ना लगायें।
उनकी कोई भी प्रतिमा खंडित ना हो या फिर किसी भी प्रकार से उसके रंग रोगन में कोई खराबी ना आई हो। बच्चों का पढ़ाई में मन ना लग रहा हो तो उनके स्टडी टेबल पर गणपति जी की मूर्ति स्थापित करें ऐसा करने से बच्चे पढ़ाई में अच्छे होंगे।
वास्तु के अनुसार गणेश जी की प्रत्येक प्रतिमा मंगलकारी और विघ्न विनाशक है। इसीलिए, गणपति जी की विधि-विधान से पूजा कर उनकी मूर्ति स्थापित करने से घर के वास्तु दोष दूर हो जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, गणपति पूजा से नवग्रहों के दोष भी दूर होते हैं। यदि हम इन सब बातों का ध्यान रख कर गणेश प्रतिमा घर में रखें, तो निश्चित ही मंगल मूर्ति गणेश जी हम सबके घरों में मंगल करेंगे।
खंडित मूर्ति का क्या करना चाहिए
हमारे इस माया के संसार में शुभ और अशुभ लक्षण हमारे जीवन को बेहतर बनाने या आने वाले दुःख और खतरे का आभास देने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यदि हम इन लक्षणों को समझ कर अपने जीवन में परिवर्तन लायें तो हम अपने जीवन को बहुत सुखी बना सकते हैं। ऐसा ही एक अशुभ लक्षण होता है भगवान की मूर्ति का टूट जाना।
आइये जानते हैं कि भगवान की जिस मूर्ति की हम श्रद्धा से पूजा करते हैं, वो टूट जाए तो हमें उसे घर पर क्यों नहीं रखना चाहिए और किस तरह से आदर सहित उस मूर्ति को घर से हटाना चाहिए।
खंडित मूर्तियाँ घर में क्यों नहीं रखते?
हमारे पुराने धार्मिक ग्रंथों और विद्वानों द्वारा यह बताया गया है कि भगवान की किसी मूर्ति का खंडित होना अपशकुन और पूजा के लिए वर्जित मानते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि भगवान की मूर्ति में प्राण होते हैं और ईश्वर को संपूर्णता का प्रतीक माना गया है।
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