भारत में भगवान गणेश ( Lord Ganesh ) की मंदिर हैं। उन सब में एक मंदिर ऐसा भी है, जिसके बारे में कहा जाता है यहां आनेवाले श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी होती है। लोग बताते हैं कि बप्पा के दर से कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं जाता है। यहां बप्पा 30 दिनों में भक्तों की हर मनोकामना पूरी कर देते हैं।
गणेश जी का ये मंदिर महाराष्ट्र के सबसे लोकप्रिय मंदिरों में से एक है, इसके नाम और निर्माण के पीछे के कुछ तथ्य हैं जो आपको जानने आवश्यक हैं। पुणे के श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर का निर्माण दगडूशेठ हलवाई द्वारा कराया गया था। इस मंदिर से जुड़ी एक कहानी लोगों के बीच बहुत प्रचलित है।

दगडूशेठ गडवे एक लिंगायत व्यापारी और हलवाई थे, जो कोलकाता से आकर पुणे में बस गए थे। उन्होंने हलवाई के रूप में बहुत ख्याति पाई और लोगों ने उन्हें ‘हलवाई’ उपनाम दे दिया और इस तरह दगडूशेठ गडवे लोगों के बीच दगडूशेठ हलवाई के नाम से प्रसिद्ध हो गए। धीरे-धीरे दगडूशेठ एक समृद्ध व्यापारी और नामचीन हलवाई बन गए और भगवान की असीम अनुकम्पा उनपर बनी रही।
बताया जाता है दुर्भाग्य से, 18वीं सदी के उत्तरार्द्ध में प्लेग की महामारी में उनके बेटे का देहांत हो गया। अपने पुत्र की अकाल मृत्यु से शोकाकुल दगडूशेठ और उनकी पत्नी अवसादग्रस्त हो गए। तब उनके आध्यात्मिक गुरु श्री माधवनाथ महाराज ने उन्हें इस दुख से उबरने के लिए भगवान गणेश का एक मंदिर बनवाने का सुझाव दिया। इसके बाद, दगडूशेठ हलवाई ने पुणे में गणपति जी के मंदिर का निर्माण कराया। यह मंदिर अपनी भव्यता और यहां आने वाले हर भक्त की मुराद पूरी होने के कारण प्रसिद्ध है।
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