Home Articles अन्य लेख
अन्य लेख

मंदिर से लौटकर ये 11 काम भूलकर भी न करें ?

मंदिर से लौटकर ये 11 काम भूलकर भी न करें ?

मंदिर से लौटकर क्या न करें ?

मंदिर जाना सिर्फ पूजा करना नहीं है, बल्कि यह एक ऊर्जा यात्रा है। जब कोई व्यक्ति मंदिर में प्रवेश करता है, तो वह अपने भीतर की नकारात्मक ऊर्जा को पीछे छोड़कर देवत्व की सकारात्मक ऊर्जा को ग्रहण करता है। यही कारण है कि मंदिर से लौटते समय मन अत्यंत शांत, हल्का और सात्त्विक होता है।
लेकिन कई बार हम कुछ ऐसी गलतियाँ कर देते हैं, जो इस प्राप्त दिव्य ऊर्जा को क्षणों में नष्ट कर देती हैं। शास्त्रों, वास्तु और आध्यात्मिक परंपराओं में मंदिर से लौटकर कुछ कार्यों को कठोरता से वर्जित बताया गया है।

1. घर आते ही क्रोध या झगड़ा न करें

मंदिर की ऊर्जा अत्यंत कोमल और सात्त्विक होती है।
अगर घर आकर आप–

  • किसी से झगड़ते हैं

  • गुस्सा करते हैं

  • कटु वचन बोलते हैं

तो मंदिर से लाई हुई पूरी शुभ ऊर्जा तुरंत नष्ट हो जाती है।

शास्त्र कहते हैं:
“क्रोध ही मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है।”

इस समय प्रेम, शांति और संयम बनाए रखना सबसे आवश्यक है।

2. तुरंत नकारात्मक बातें या शिकायतें न करें

कई लोग मंदिर से लौटते ही बोल देते हैं—

  • “मेरी किस्मत बहुत खराब है।”

  • “कुछ अच्छा नहीं होता।”

  • “बहुत परेशान हूँ।”

ALSO READ  केमद्रुम योग: सफलता में बाधा बनने वाला यह योग क्या सच में इतना खतरनाक है ?

यही बातें आपके ऑरा पर भारी असर डालती हैं और ऐसी वाणी देवकृपा को कमजोर करती है।

मंदिर के बाद केवल सकारात्मक शब्द ही बोलने चाहिए।

3. मंदिर से लौटकर झाड़ू न लगाएँ

यह सबसे बड़ा वर्जन माना गया है।

झाड़ू लगाने का मतलब है—

ऊर्जा को बहार निकालना।

शास्त्रों में कहा गया है कि मंदिर से लौटकर झाड़ू लगाने से पुण्य घटता है और सकारात्मक ऊर्जा घर से निकल जाती है।

कम से कम 1–2 घंटे तक सफाई न करें।

4. तुरंत मोबाइल, टीवी, सोशल मीडिया न देखें

मंदिर की ऊर्जा सूक्ष्म और शांत होती है, जबकि

  • न्यूज

  • सोशल मीडिया

  • टीवी

  • तेज आवाज

मन को अशांत कर देते हैं।
इससे मंदिर से प्राप्त दिव्य स्पंदन कमजोर हो जाता है।

मंदिर से लौटकर 10–15 मिनट शांति में बैठना अत्यंत शुभ माना जाता है।

5. शराब, मांसाहार या तामसिक भोजन न करें

सात्त्विक ऊर्जा और तामसिक भोजन एक-दूसरे के विपरीत होते हैं।
अगर मंदिर से आते ही आप—

  • मांसाहार

  • शराब

  • प्याज-लहसुन

  • भारी भोजन

कर लेते हैं, तो ऊर्जा तुरंत भारी हो जाती है।

शास्त्र कहते हैं कि मंदिर से लौटकर कम से कम कुछ समय तक सात्त्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए।

ALSO READ  🔱🚨 बड़ी खबर: श्री महाकाल धाम अमलेश्वर में पूजा-अनुष्ठान हुए शुरू! अब घर बैठे बुक करें वैदिक पूजा — संकल्प से लेकर अनुष्ठान तक पूरी व्यवस्था एक ही मंच पर

क्या आपके जीवन में कोई प्रश्न है?

अनुभवी ज्योतिषियों से कुंडली, विवाह, करियर और वास्तु पर व्यक्तिगत परामर्श लें।

अभी परामर्श लें