Other Articlesउपाय लेख

shukrawar ke upay : शुक्रवार के दिन करें ये खास उपाय

256views

shukrawar ke upay : शुक्रवार के दिन करें इन खास उपाय

क्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित है. इस दिन मां को प्रसन्न रखने और उनकी कृपा पाने के लिए भक्त व्रत रखते हैं. इस दिन पूरे विधि-विधान से मां की पूजा की जाती है. मां लक्ष्मी धन की देवी हैं और जिन पर भी इनकी कृपा होती है उसके जीवन में कभी भी धन और वैभव की कमी नहीं होती है. शुक्रवार का दिन शु्क्र ग्रह या शुक्रदेव से भी संबंधित माना जाता है. शुक्रदेव को सुख-सौंदर्य और रोमांस का कारक माना जाता है।
माना जाता है कि शुक्रवार के दिन पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ कुछ खास उपाय करने से जीवन में हमेशा बरकत रहती है. शुक्र देव की कृपा से जीवन में किसी भी तरह की कमी नहीं होती है।

ALSO READ  श्री महाकाल धाम के स्वप्नद्रष्टा स्व. रूपक त्रिपाठी का महान स्वप्न हुआ साकार  "AstroShrine" ऐप अब Play Store पर उपलब्ध

चढ़ाएं कमल का फूल
शुक्रवार के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद सफेद रंग के वस्त्र धारण करें। इसके साथ ही मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने के साथ उन्हें कमल का फूल अर्पित करें।

सफेद चीजों का करें दान
शुक्रवार का दिन सफेद रंग से संबंधित होता है इसलिए इस दिन ज्यादा से ज्यादा इस रंग का इस्तेमाल करना चाहिए. शुक्रवार के दिन सफेद रंग के वस्त्र पहन कर ही पूजा पाठ करना चाहिए.

व्रत रखने के साथ ही इस दिन शुक्र ग्रह से संबंधित चीजों का दान करना भी शुभ रहता है. शुक्रवार के दिन सफेद रंग की चीजों का दान जैसे कि चावल, दूध, दही, आटा और मिश्री दान में दे सकते हैं. इसके अलावा शुक्रवार के दिन चींटियों और गाय को आटा खिलाने शुक्र देव की कृपा होती है.

ALSO READ  श्री महाकाल धाम के स्वप्नद्रष्टा स्व. रूपक त्रिपाठी का महान स्वप्न हुआ साकार  "AstroShrine" ऐप अब Play Store पर उपलब्ध

नीम के पेड़ में चढ़ाएं जल

नीम के पेड़ को मां दुर्गा का रूप माना जाता है। इसी कारण इसे नीमारी देवी भी कहते हैं। इसके साथ ही यह ग्रह दोष से भी निजात दिलाती है। इसलिए शुक्रवार के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद नीम के पेड़ में जल अर्पित करें।

करें इन मंत्रों का जाप
शुक्रवार के दिन शुक्र देव को प्रसन्न करने के लिए करीब 108 बार इन मंत्रों में से किसी एक मंत्र का जाप करें- ॐ शुं शुक्राय नम: या ॐ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम् सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहं।