गले का कैंसर: ज्योतिष कारण
गले के स्वर यंत्र के कैंसर में आवाज भारी हो जाती है। गले की लसिका ग्रंथियों में सूजन भी आ जाती है। इसके अतिरिक्त सांस लेने एवं निगलने में तकलीफ होती है, खांसी के साथ रक्त मिश्रित बलगम आ जाता है। गले एवं कान में तीव्र दर्द होता है। गले की ग्रास नलिका अथवा ग्रसनी के कैंसर में निगलने की तकलीफ होती है साथ ही स्वर यंत्र पर दबाव के कारण आवाज में बदलाव आ जाता है। रोगी को सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है, गले में दर्द...