जानें,दूसरे घर में बुध ग्रह के प्रभाव…
दूसरा घर दूसरे घर में बुध का जातक काफी चालाक, बुद्धिमान तथा कुछ स्वार्थी किस्म का होता है। वह अपने फायदे के लिए काफिरों पर भी अत्याचार करने से पीछे नही हटता। वह राजघराने का प्यारा तथा खजाने को बढ़ाने वाला होता है। ऐसे जातक राजा के वजीर एवं सिपाही होते हैं। पिता के लिए उसका जन्म बद होता है। 16 या 19 वर्ष की आयु पिता पर भारी पड़ती है।
यदि उपाय नही किए गए तो पिता की मृत्यु तक हो जाती है। माता की उम्र बेशक लम्बी होगी। पिता का साया उठ जाने के बावजूद वह अपनी कमाई से धन-दौलत में इजाफा करता है। वह हाजिर-जवाब, रिश्तेदारों को तारने वाला, प्रभावशाली तथा लब्धप्रतिष्ठ आदमी होता है। जातक पक्की जबान वाला, कलम का धनी तथा दृढ़ विचारों का स्वामी होता है। वह अपने अवगुण छिपाने मे माहिर, बुद्धिमान और कलाकार होता है। वह दिमागी बीमारी का कभी शिकार नही होता।
सदैव संयमित जीवन निर्वाह करता है।द्धितीय भावस्थ बुध मंदे हालात में जातक के मान-यश के अलावा सर्वाधिक प्रभाव धन पर ही डालता है। ऐसे मे सोना भी मिट्टी के समान हाथ से निकल जाता है। जुआ शराब, फर्जी जमानत इत्यादि मे वह सब कुछ स्वाहा कर बैठता है। पिता के जिंदा रहने तक धन-हानि कम होती है।
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