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जानिए,सूर्य ग्रह के बारह घरों का फल…

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सूर्य ग्रह के बारह घरों का फल निम्नवत् है-

पहला घर

अगर सूर्य पहले घर में हो तो जातक को लेखन-सम्पादन में रूचि होगी।स्वास्थ्य सबल, सम्पूर्ण कार्य सफल तथा स्त्री सुख मिलेगा। मेहमान-नवाजी में समय व्यतीत होगा।व्यापार-धंधे मे लाभ, शौर्यपूर्ण कार्य, हृदय में आशा-उत्साह एवं प्रवास के समय शुभ कार्य होगा।

दूसरा घर

अगर सूर्य दूसरे घर मे हो तो जातक को श्रम और न्याय से लाभ, पूर्वार्जित कृषि-जमीन आदि से लाभ, व्यापार मे लाभ, सट्टा आदि से लाभ तथा स्वजनों से लाभ होगा। यही नही, उसे अपार यश की भी प्राप्ति होगी। क्रय-विक्रय से अतुल राशि मिलेगी। शुभ कार्य अचानक सफल होंगे। घर में प्रसन्नता एवं आमोद-प्रमोद का वातावरण रहेगा।

तीसरा घर

अगर सूर्य तीसरे घर मे हो तो जातक को उद्योग-धंधो से विशेष लाभ एवं उसके हाथों से शुभ कार्य होगें।शत्रुओ का नाश होगा। उच्च श्रेणी के लोगो से मित्रता होगी विशिष्ट पद की प्राप्ति होगी। राजकीय कार्यो में यश मिलेगा। प्रत्येक कार्य में लाभ तथा पत्र-व्यवहार द्धारा मान-सम्मान की प्राप्ति होगी।

चौथा घर

अगर जातक की कंुडली में सूर्य चौथा घर का हो तो वह राजा के घर जन्म ले या न ले, परन्तु राजा के समान अवश्य होगा।ऐसा व्यक्ति स्वयं हानि उठा ले, लेकिन दूसरो को हानि नहीं पहुंचाएगा। यदि वह पराई स्त्री को साथ रखे तो निःसंतान रहेगा।अगर वह दान देगा तो मोती ही देगा। द्धिमाताओं का योग होगा। ऐसा जातक अच्छे चाल-चलन वाला होगा।

पांचवा घर

अगर जातक का सूर्य पांचवें घर में हो तो वह जन्म से ही भाग्य का स्वामी होगा। आयु के साथ धन भी बढे़गा। जितना अधिक खर्च करेगा, धन बढ़ता ही जाएगा। कुल-खानदान का दीपक होगा। एक कार्य को हाथ में लेने से अनेक कार्य सफल होंगे। परिवार को मंदिर की तरह सम्मान देगा।

 छठे घर

यदि कुंडली के छठे घर में सूर्य हो तो जातक के सम्पूर्ण दुःखों की समाप्ति होगी। सुखों का आगमन, शारीरिक स्वास्थ्य सबल, उद्योग-धंधों में उत्कर्ष, नौकरी प्राप्ति के योग तथा राजकीय कार्यो में सम्मान की प्राप्ति होगी।शत्रुओं का नाश एवं विदेश यात्रा का योग बनेगा। मांगलिक कार्य सम्पन्न होंगे। नवीन पद ग्रहण, औषध निर्माण मे सफलता तथा विशिष्ट जनों से लाभ होगा।

सातवां घर

यदि सूर्य सातवें घर में हो तो जातक के पैदा होने पर ऐसा लगेगा कि घर मे सूर्य कुलदीपक पैदा हो गया हो। शासकीय कार्यो से लाभ, अनेक प्रकार के लाभ एवं वरिष्ठ अधिकारियों से सम्मान मिलेगा। उद्योगो मे विशेष लाभ, अकल्पित धन लाभ रिश्वत-लाॅटरी से धन की प्राप्ति तथा स्त्री रहे तो विशेष लाभ होगा।

आठवां घर

अगर जातक की कुंडली में सूर्य आठवें घर में हो तो उसकी सच्चाई के आग से सारे संसार की बदी जल जाएगी। छुपे हुए शत्रु भी नही बच पाएंगे। जातक के होते हुए किसी रिश्तेदार पर मुसीबत नहीं आएगी। वह नकल करने की शक्ति का मालिक होगा। 22 साल तक राजदरबार में तरक्की एवं धन-दौलत का भंडारी होगा। सूर्य के कारण वह मंगलीक नहीं होगा।

नौवां घर

अगर जातक की कुंडली मे सूर्य नौवें घर मे स्थित हो तो वह खानदान की रक्षा के लिए अपना सब कुछ लुटा देगा। परोपकार की वसूली अपने घर से पूरी करेगा।वह दृढ़ निश्चयी होगा। सब कुछ न्यौछावर करने के बाद भी उसके बदले कुछ नही मांगेगा। वह सात पुश्तो का रखवाला होगा। स्वयं अपनी दुआओं से लोगो का इलाज करेगा। तीन पुत्री और पांच पुत्र संतान वाला होगा। अमूमन सरकारी नौकरी होगी। बाप-दादा की उम्र लम्बी होगी।

दसवां घर

यदि सूर्य कुंडली के दसवें घर में स्थित हो तो जातक मान-सम्मान, स्वास्थ्य और धन का मालिक होगा। बडे़-बडे़ कार्यो का उत्तरदायित्व संभालेगा। सफलता उसके कदम चूमेगी। उद्योग-धंधो में शुभ स्थिति होगी। क्रय-विक्रय अधिक होगा। ऐसा जातक घर के साजो-सामान पर धन का अपव्यय अधिक करेगा। तरक्की का योग होगा। परीक्षा एवं प्रतियोगिता के परिणाम मनोनुकूल होंगे। राजकार्य में विशेष लाभ की आशा होगी। उसे अपने ही बलबूते पर कार्य सिद्धि मिलेगी।

ग्यारहवां घर

यदि सूर्य ग्यारहवें घर में हो तो जातक को बडे़-बड़े कार्यो में सफलता मिलेगी। व्यवसाय में विशेष लाभ, वरिष्ट व्यक्तियों से सम्पर्क तथा यश-ख्याति उपलब्ध होगी। मेहमान-मित्रों में धन का अपव्यय, स्वास्थ्य लाभ उत्तम, अकस्मात् धन की प्राप्ति एवं कृषि कार्याे से लाभ होगा। जातक सम्पूर्ण रूप् से धार्मिक और ऐशो-आराम वाला होगा। लेकिन 45 साल की उम्र में नुकसान का भय होगा।

बारहवां घर

यदि सूर्य बारहवें घर मे हो तो जातक अपने ज्ञान और गरिमा से संसार को चमत्कृत कर देगा। वह दौलतमंद होगा। ऐसे जातक की उम्र एक सौ साल मानी गई है भीख देना वह नापसंद करेगा।स्वयं चोटे खाकर प्रगति करने वाला होगा, मगर दूसरों को चोट नहीं पहुंचाएगा। 22 साल की उम्र मे दौलत कमाने वाला, दुश्मनों पर कामयाबी पाने वाला तथा कुल का नाम रोशन करने वाला होगा।