Home Articles ग्रह विशेष
ग्रह विशेष

जानें क्या होता है सोए हुए ग्रह ?

जानें क्या होता है सोए हुए ग्रह ?

जानें क्या होता है सोए हुए ग्रह ?

सोए हुए ग्रह
यदि किसी ग्रह की दृष्टि में कोई ग्रह न हो, तो वह ’सुप्त ग्रह कहलाएगा। ऐसे ग्रह का मतलब यह कदापि नहीं है िकवह जिस घर में बैठा होगा, उस घर के लिए उसका कोई प्रभाव नहीं होगा।सुप्त या सोए हुए ग्रह का अर्थ यह है कि वह उस घर में कैद रहेगा और उसका प्रभाव वहीं तक सीमित रहेगा।

’लाल किताब’ के अनुसार जब सोया हुआ ग्रह किसी घर में शुभ या अशुभ स्थिति में बैठा हो तो उसका असर उस घर के लिए जारी रहेगा। इसके अलावा कोई ग्रह अपने पक्के घर में बैठा हो तो वह हमेशा पूरी तरह से जागा हुआ माना जाएगा।

उदाहरण के लिए- सूर्य प्रथम घर में, मंगल तीसरे घर में, बृहस्पति दूसरे, पांचवें, नौवें या बारहवें घर में, चंद्र चैथे घर में, बुध छठे घर में, बुध-शुक्र सातवें घर में, मंगल-शनि आठवे घर में, शनि दसवें और ग्यारहवें घर में हो तो ये पूरी तरह जाग्रत ग्रह होंगे। जब पहले घर में कोई ग्रह न हो तो बाद के घरों में बैठे ग्रह सोए हुए माने जाते है।

आप इस लेख का आधा भाग पढ़ चुके हैं

आगे पढ़ने के लिए लॉगिन करें। खाता बनाना पूरी तरह निःशुल्क है – Google या मोबाइल OTP से, एक मिनट में।

लॉगिन करें और आगे पढ़ें नया यूज़र? निःशुल्क खाता बनाएँ

क्या आपके जीवन में कोई प्रश्न है?

अनुभवी ज्योतिषियों से कुंडली, विवाह, करियर और वास्तु पर व्यक्तिगत परामर्श लें।

अभी परामर्श लें