ग्रह विशेष

जानें क्या होता है सोए हुए ग्रह ?

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जानें क्या होता है सोए हुए ग्रह ?

सोए हुए ग्रह
यदि किसी ग्रह की दृष्टि में कोई ग्रह न हो, तो वह ’सुप्त ग्रह कहलाएगा। ऐसे ग्रह का मतलब यह कदापि नहीं है िकवह जिस घर में बैठा होगा, उस घर के लिए उसका कोई प्रभाव नहीं होगा।सुप्त या सोए हुए ग्रह का अर्थ यह है कि वह उस घर में कैद रहेगा और उसका प्रभाव वहीं तक सीमित रहेगा।

’लाल किताब’ के अनुसार जब सोया हुआ ग्रह किसी घर में शुभ या अशुभ स्थिति में बैठा हो तो उसका असर उस घर के लिए जारी रहेगा। इसके अलावा कोई ग्रह अपने पक्के घर में बैठा हो तो वह हमेशा पूरी तरह से जागा हुआ माना जाएगा।

उदाहरण के लिए- सूर्य प्रथम घर में, मंगल तीसरे घर में, बृहस्पति दूसरे, पांचवें, नौवें या बारहवें घर में, चंद्र चैथे घर में, बुध छठे घर में, बुध-शुक्र सातवें घर में, मंगल-शनि आठवे घर में, शनि दसवें और ग्यारहवें घर में हो तो ये पूरी तरह जाग्रत ग्रह होंगे। जब पहले घर में कोई ग्रह न हो तो बाद के घरों में बैठे ग्रह सोए हुए माने जाते है।

ऐसी हालत में पहले के खाली घरो के ग्रहों को जगाने की जरूरत होती है। अगर बाद के घर खाली हो और दृष्टि पड़ने वाले घर में कोई ग्रह स्थित हो तो बाद के उस खाली घर को जगाने की जरूरत रहेगी। उपाय बताते समय या उपाय करते समय इस बात को अच्छी तरह ध्यान में रखना चाहिए।