शुक्रवार, 22 मई को कृत्तिका नक्षत्र रहेगा और शनि जयंती मनाई जाएगी। इस नक्षत्र का स्वामी सूर्य है। शनिदेव अपने पिता सूर्य को शत्रु मानते हैं। इस वजह से कृत्तिका नक्षत्र में शनि जयंती का आना विशेष योग है। शनि इस समय मकर राशि में वक्री है। ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर शनि जयंती मनाई जाती है, इस समय शनि वक्री रहता है। शनि का गोचर भी सूर्य के स्वामित्व वाले नक्षत्र उत्तराषाढ़ा में रहेगा। जानिए शनि जयंती पर राशि अनुसार किन बातों का ध्यान रखें…
मेष– आपके लिए दशम शनि कार्य में बढ़ोतरी करेगा। बेरोजगारों को रोजगार की प्राप्ति होगी। पिता से लाभ मिलेगा। ये लोग सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें।
वृषभ– इन लोगों के लिए नवम शनि भाग्य का साथ दिलाने वाला रहेगा। आर्थिक लाभ मिल सकता है। शनि के नामों का जाप करें।
मिथुन– अष्टम शनि की वजह से भय, चिंता और परेशानी बढ़ेगी। कमाई हो सकती है। शनिदेव को काली उड़द चढ़ाएं।
कर्क– सप्तम शनि आपको परेशानी के साथ ही लाभ भी दे सकता है। कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। राजा दशरथ कृत शनि स्त्रोत का पाठ करें।
सिंह– इन लोगों के लिए शनि षष्ठम रहेगा। अनावश्यक विवाद बढ़ाने वाले समय रहेगा। आय भी बढ़ सकती है। हनुमानजी को चोला चढ़ाएं।
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