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द्वदश भवनों में सुर्य के टोटके व उपाय

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द्वदश भवनों में सुर्य के टोटके व उपाय

आप अपनी जन्मपत्रिका में देखें सुर्य किस भाव में स्थित है। सुर्य जिस भाव में स्थित हो उसी के अनुसार से बचाने का प्रयास करें। ग्रह बाधा या अशुभता से बचकर आप सहज में अपना लक्ष्य,सफलता और उन्नति पा सकते है।

अब सुर्य के द्वादश भावों में स्थिति के अनुरूप् उनके टोटके व उपायों की चर्चा करें।

पहले भाव में स्थित सुर्य के टोटके एवं उपाय

  •  घर में बायीं और अंधेरी कोठरी का निर्माण करें।
  •  विवाह चैबीस वर्ष से पूर्व ही करें ।
  •  दिन में स्त्री के साथ कभी भी भोग न करें।
  •  स्वयं को नैतिक व चरित्र की दृष्टिकोण से सबल बनाएं।
  •  पैतृत घर हो तो उसमें हैंडपम्प या जल का कोई साधन स्थापित करने के दस वर्ष उपरान्त भाग्योदय होगा।दुसरे भाव में स्थित सुर्य के टोटके एवं उपाय
  •  दान कभी न लें। किसी से कोई भी वस्तु मुक्त में न लें। स्वअर्जित धन से ही जीवन को जीएं। दान में चावल,चांदी या दुध तो कदापि न लें।
  • नारियल,तेल या बादाम को मन्दिर या किसी धर्म स्थल में दान में दें।
  •  अपना चरित्र सदैव ठीक रखें।चरित्रहीनता से बचना ही श्रेयस्कर है।
  •  पैतृक भवन में जल संसाधन हैंडपम्प,कुंआ आदि का प्रबंध करें ।

तीसरे भाव में स्थित सुर्य के टोटके एवं उपाय

  •  माता या दादी का आशीर्वाद लेते रहें। उन्हें कभी भी नाराज न करें।
  •  चाल-चलन ठीक रखें।
  •  कभी भी पाप या बुरे कर्माें में लिप्त न हों।
  •  चद्रमा की वस्तुआंे को स्थापित करना भी शुभ फलप्रद रहेगा।
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चौथे भाव में स्थित सुर्य के टोटके एवं उपाय

  •  अन्धों को भिक्षा दें या भोजन कराएं।
  • पैतृक भवन में यज्ञ कराएं या निशुल्क भंडारा कराएं।
  •  मछली न तो खाएं और न कभी उनका शिकार करें।?,
  • शराब का सेवन न करें।
  •  लोहे व लकड़ी का कार्य अवश्य करें।
  •  सेना,चांदी व कपड़े का कार्य अवश्य करें।
  •  तंबे का सिक्का खाली धागे में पिरोकर गले में धारण करें

पांचवे भाव में स्थित सुर्य के टोटके एवं उपाय

  •  झूठ न बोलें और दूजों के प्रति दुर्भावना न रखें।
  •  वचन दें अवश्य निभाएं ।
  • प्राचीन परम्पराओं एवं रीति.रिवाजों की अवहेलना न करें।
  • लाल मुख के बन्दर की सेवाकरें या गुड़ खिलाएं।
  • तीन मुख के कुत्तों की सेवा करें अर्थात् सालेएदाताद और नाती की पालना करें।
  • पक्षीए और बच्चों का पालन.पोशण करें।
  • घर में रसोई पूर्व दिषा में बनाएं।

छठे भाव में स्थित सुर्य के टोटके एवं उपाय

  •  बन्दर को गुड़ या सुर्य की वस्तुएँ खिलाएँ।
  •  बाजारा या सुर्य की वस्तुएँ दान में दें।
  •  सफेद चींटियांे को सात दालों का चुरा बुरकें।
  •  बुध का उपाय करें।
  •  चांदी या गंगाजल घर में लाकर रखें
  •  रात्रि का भोजन करने के बाद चूल्हे की आग दूध से बुझाएँ।
  •  मन्दिर या धर्मस्थल में कुछ न कुछ दान या वहाँ के कुत्ते को भोजन कराएँ।
  •  रात्रि में अपने सिरहाने चन्द्रमा की वस्तुएँ एएपानी आदिएए रखकर सोएँ।
  •  दुसरों के द्वारा धर्मस्थल में दान की गई वस्तुएँ अपने घर में न लाएँ।
  •  पैतृक रीति.रिवाजों का पालन करें।
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सातवें भाव में स्थित सुर्य के टोटके एवं उपाय

  •  कोई भी कार्य थोड़ा मीठा खाकर या पानी के कुछ घुंट पीकर प्रारम्भ करें।
  •  काली या बिना सींग वाली गाय की सेवा करंे।
  • भोजन करने से पूर्व रोटी के टुकडे़ की आहुति अग्नि में डालें।
  •  नमक कम खाएँ।
  •  तांबे का चौकोर टुकड़ा भूमि के नीचे दबाएँ। यह उपाय तब करें जब पुत्र तंग या कश्ट में हो।
  •  दुध से आग बुझाएँ। यह उपाय तब करें जब षनि पहले और सुर्य सातवें भाव में स्थित हो।
  •  सांसारिक व्यवहार उत्तम रखें।

आठवें भाव में स्थित सुर्य के टोटके एवं उपाय

  • घर का मुख्यद्वार दक्षिण में न रखें या दक्षिणद्वार से युक्त घर में न रहें।
  •  घर में सफेद गाय या बड़े भाई की सेवा करें।
  •  श्रोगी के पास कभी न बैठें।
  •  मीठा खाकर व पानी पीकर कोई कार्य करने पर कार्य सिद्धि अवष्य होगी।
  •  सालों के साथ न रहें।

नौवें भाव में स्थित सुर्य के टोटके एवं उपाय

  •  दान कभी न लें।
  •  चद्रमा की वस्तओं का दान करें।
  •  मुक्त में चान्दी या चावल कदापि न लें। मुफ्तखोर न बनें।
  •  पापकर्म से बचंे।
  •  घर के पुराने पीतल के बर्तन रखे रहने देंएउन्हें ना बेचें।
  •  छूजों से मजाक या दिल्लगी कदापि न करें।
  •  न अधिक क्रोध करें और न अनावष्यक सहन करें। सदैव सामान्य रहें।
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दसवें भाव में सुर्य के टोटके एवं उपाय

  •  सफेद रंग की टोपी या पगड़ी से सदैव सिर ढंककर रखें।
  •  काले व नीले रंग के कपडे़ कदापि ढिंढोरा न पीटंे।
  •  सिर कभी नंगा न रखेंएसदैव ढंककर रखें।
  •  गंगाजल घर पर लाकर रखें या पैतृक घर में कुंआ या हैंडपम्प लगवाएँं।
  •  नदीएनाले या समुद्र के बहते पानी में चालीस या तैंतालिस दिन तक ताँबे का सिक्का लगाकर बहाएँ।
  •  भूरी भैंस की सेवा करें।

ग्यारहवें भाव में सुर्य के टोटके एवं उपाय

  • शराब न पीएँ या मांस न खाएं।
  • ऐसा कोई न करें जिससे षनि अषुभ हो जाएँ।
  • वायदा न तोडे़एझुठी गवाही न देंएधोखाधड़ी भी न करें।
  • रात्रि में पांच मूली या बादाम सिरहाने रखकर अगले दिन प्रातः मन्दिर या धर्मस्थल पर दान देने से आयु बढ़े और सन्तान सुख भी मिले।
  • कसाई से बकरी या बकरा खरीदकर उसकी रक्षा करंे या पेड़.पौधा रौपें।

बारहवें भाव में स्थित सुर्य क टोटके एवं उपाय

  •  राहु संबंधी कार्यों को न करें। ससुराल से अधिक संबंध न रखें।
  •  घर में बरामद अवष्य रखें।ऽ पराई आग में हाथ न डालें।
  •  धार्मिक कार्य अवष्य करें।ऽ घर ऐसा बनाएँ जहाँ सुर्य का प्रकाष अवष्य करें
  •  आटा पीसने की चक्की घर पर रखें।
  •  झूठी गवाही न दें।
  •  दुजों को धोखा न दें। गबन न करें।
  • अमानत रखकर बाद में मना न करें।
  • ईर्श्या न करें।असत्य कदापि न बोलें।