तात्कालिक लाभ हानि – चंद्रमा के विपरीत प्रभाव शांति हेतु उपाय –
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को प्रमुख स्थान दिया गया है तथा माना गया है कि चंद्रमा मन का कारक…

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को प्रमुख स्थान दिया गया है तथा माना गया है कि चंद्रमा मन का कारक…
किसी व्यक्ति का व्यवहार मधुर होने के लिए उसका लग्नेष तथा तृतीयेष की बलवान और शुभ स्थान पर स्थिति होना…
आधुनिक युग में अधिकांश मनुष्य चिंता, उन्माद, अवसाद, भय आदि से प्रभावित है। मनोविज्ञान में इन्हें मनोरोगों के एक प्रकार…
जीवन के सुख साधन प्राप्ति हेतु व्यक्ति हर संभव प्रयास करता है। किंतु कभी अवसर की कमी तो कभी प्रयास…
जो लोग किराए के मकान में रहते हैं, उनका सिर्फ एक ही सपना होता है कि उनका भी एक छोटा…
ज्योतिषीय आधार पर कालसर्प दो शब्दों से मिलकर बना है ‘‘काल’’ और ‘‘सर्प’’ । काल का अर्थ समय और सर्प…
तिथीषावहिनकौगौरी अर्थात् मूहुर्तचिंतामणि नामक ग्रंथ में उल्लेखित श्लोक के अनुसार प्रत्येक चतुर्थी तिथि के स्वामी गणेष भगवान हैं परंतु प्रत्येक…
भारतीय ज्योतिष में कुंडली मिलान के लिए प्रयोग की जाने वाली गुण मिलान की विधि में मिलाएॅ जाने वाले अष्टकूटों…
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में जिस प्रकार ग्रहों में आपस में मित्रता-षत्रुता तथा समता होती है, उसी का असर जीवन में…
विवाह संस्कार को भारतीय समाज में एक धर्म का दर्जा दिया गया है, जिसमें दो व्यक्ति का जीवन एक होकर…
किसी जातक का सामान्य प्रष्न होता है कि उसका विवाह कब होगा। इसकी जानकारी के लिए उस जातक की राषि…
प्राचीन काल में विदेश यात्रा अशुभ माना जाता था, संभवतः जिसके कारण प्राचीन पुस्तकों में विदेश यात्रा के लिए किसी…
आधुनिक भागदौड़ के इस जीवन में प्रायः सभी व्यक्तियों को चिंता सताती रहती है। हर आयुवर्ग तथा हर प्रकार के…
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को प्रमुख स्थान दिया गया है तथा माना गया है कि चंद्रमा मन का कारक…
आज मानव जिंदगी बहुत ज्यादा उतार-चढ़ावों से भरी हुई है। कभी कोई घटना हमें आष्चर्य में डाल देती है तो…
लग्नेष एवं सप्तमेष का 6, 8 या 12 भाव में हो तो आर्थिक कष्ट या धन संबंधित कमी से गृहस्थ…
वैदिक काल से मान्यता है कि किसी भी मानव के जीवन में पितृ ऋण, देव ऋण, आचार्य ऋण, मातृऋण के…
ज्योतिषीय आधार पर कालसर्प दो शब्दों से मिलकर बना है ‘‘काल’’ और ‘‘सर्प’’ । काल का अर्थ समय और सर्प…
पुरूषार्थ का महत्व भाग्य से अधिक है साथ ही अधिकांष लोगो की मान्यता होती है कि भाग्य नाम की कोई…
आख्यान मिलता है कि शनि के प्रकोप से ही अपने राज्य को घोर दुर्भिक्ष से बचाने के लिये राजा दशरथ…
मनुष्य का सबसे बड़ा संबल उसका आत्मविश्वास ही होता है |आत्मविश्वास वस्तुतः एक मानसिक एवं आध्यात्मिक शक्ति है | आत्मविश्वास…
सप्तमभाव लग्न कुंडली में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। लग्न से सातवाॅ भाव ही दांपत्य व विवाह का ग्रह माना…
सप्तम भाव में यदि शनि स्थित होता है तो जातक का विवाह में विलंब व बाधा का संकेत माना जाता…
पौष मास की शुक्लपक्ष की एकादषी को पुत्रदा एकादशी के रूप में मनाया जाता है। पद्यपुराण के अनुसार श्री कृष्ण…
किसी जातक का आजीविका का साधन क्या हो सकता है। यह उसकी कुंडली से जाना जा सकता है। कई बार…
प्राचीन भारतीय साहित्य तथा विचार अनुसार प्रत्येक ग्रह की अपनी एक दिषा निर्धारित है जोकि आधुनिक परिप्रेक्ष्य में भी सच…
ज्योतिष विज्ञान के आधार पर किसी जातक की कुंडली में चिकित्सकीय सेवा से जुड़कर यष तथा प्रतिष्ठा प्राप्त करने के…
नक्षत्र संख्या में 27 हैं और एक राशि ढाई नक्षत्र से बनती है। नक्षत्र भी जातक का स्वभाव निर्धारित करते…
कोई भी व्यक्ति चाहे वह लड़की हो या लड़का, सबसे पहले आँखों के माध्यम से फीजिकल ब्यूटी की ओर एट्रैक्ट…
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