Know Today Plan Tomorrow Live Better
Home Articles Vastu
Vastu

Vastu Tips: घरों में वास्तु दोष जो पूरे परिवार की सुख और शांति को छीन लेते हैं, लग सकता है खुशियों को ग्रहण

Vastu Tips: घरों में वास्तु दोष जो पूरे परिवार की सुख और शांति को छीन लेते हैं, लग सकता है खुशियों को ग्रहण

वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि घर होता है तो इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास रहता है और घर में रहने वाले सदस्य निरोग, सुखी और धनवान बनते हैं। कई बार जाने या अनजाने में घरों में ऐसे वास्तु दोष रह जाते हैं जो पूरे परिवार की सुख और शांति को छीन लेते हैं।

सुकून की नींद, अच्छी सेहत के साथ प्यार भरे माहौल को घर में रखने के लिए जरूर है कि घर के वास्तु नियमों को जाना जाए और यह समझा जाए कि वास्तु अनुसार कौन सी जगह किस लिए निर्धारित की गई है। तो आइए दिशाओं के अनुसार वास्तु के नियम जानें।

कहां होना चाहिये भवन का मुख्य द्वार
वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि किसी घर-ऑफिस का मुख्य द्वार पूर्व या उत्तर में ही होना चाहिए। सबसे श्रेष्ठ यही दिशाएं होती हैं। पूर्व दिशा में मुख्य द्वार होने से सूर्य कि किरणें अपने साथ नकारातमकता को हर लेती हैं। उत्तरमुखी भवन में लगाए जाने वाले मुख्य दरवाजे को चौकोर ही रखें। इसे गोल आकार या कोई अन्य आकार न दें। उत्तर की ओर खुला छत रखना चाहिए ताकि सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता रहे।

पूजाघर का स्थान बेहद महत्वूपर्ण 
घर में पूजा के कमरे का स्थान सबसे महत्वूपर्ण माना गया है। यदि ये सही जगह पर न हो या पूजाघर की जगह कुछ अन्य चीजे रखी गईं हो तो इससे बहुत ही बुरा प्रभाव घर पर पड़ता है। मन की शांति और घर के चौमुखी विकास के लिए पूजाघर का स्थान उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण पर ही होना चाहिए। क्योंकि ये ही देवताओं का स्थान होता है। यह भी ध्यान रखें की पूजाघर के ऊपर या नीचे कभी टॉयलेट या रसोईघर न हो। इतना ही नहीं इसे सट कर भी न हो। सीढ़ियों के नीचे यदि पूजाघर बनाने की सोच रहे तो ये विचार भी बदल लें। पूजा घर हमेशा ग्राउंड फ्लोर पर रखें।

किचन बनाएं इस दिशा में 
रसोईघर यानी किचन यदि सही दिशा में न हो तो ये परिवार में बीमारियों का कारण बनता है। इसलिए रसोईघर की दिशा वास्तुशास्त्र के अनुसार जान कर उसे वहीं बनाएं। रसोईघर हमेशा घर के आग्नेय कोण यानी दक्षिण-पूर्वी दिशा में होना चाहिए। यह दिशा अग्नि देव की होती है। यदि दक्षिण-पूर्व दिशा नहीं मिल पा रही किचन के लिए तो आप उत्तर-पश्चिम दिशा भी रख सकते हैं।

You have read half of this article

Log in to keep reading. Creating an account is completely free – with Google or mobile OTP, in a minute.

Log in & read more New here? Create a free account

Have a question about your life?

Get personal guidance on kundli, marriage, career and Vastu from experienced astrologers.

Consult Now